निजी सुरक्षा कर्मियों को भीड़ प्रबंधन और अग्निशमन के लिए लेना होगा 20 दिन का प्रशिक्षण
नई दिल्ली। देश में अब से सभी निजी सुरक्षा कर्मियों को भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन और आईईडी विस्फोटक की पहचान करने के लिए कम से कम 20 दिन का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण लेना होगा। जबकि निजी सुरक्षा कर्मी मुहैया कराने वाली एजेंसियों के मालिक को आतंरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर छह दिन के प्रशिक्षण …
नई दिल्ली। देश में अब से सभी निजी सुरक्षा कर्मियों को भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन और आईईडी विस्फोटक की पहचान करने के लिए कम से कम 20 दिन का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण लेना होगा। जबकि निजी सुरक्षा कर्मी मुहैया कराने वाली एजेंसियों के मालिक को आतंरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर छह दिन के प्रशिक्षण से गुजरना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नए नियमों को जारी करने के साथ तत्काल प्रभाव से ये दिशानिर्देश लागू हो गए हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि निजी सुरक्षा कर्मी के लिए प्रवेश स्तर के प्रशिक्षण के तहत कम से कम 100 घंटे का कक्षा आधारित पाठ और 60 घंटे का क्षेत्र प्रशिक्षण होना चाहिए और पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम कम से कम 20 दिन में संपन्न कराया जाना चाहिए। अधिसूचना के मुताबिक पूर्व सैन्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों के लिए 40 घंटे का कक्षा अधारित और 16 घंटे का क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए और यह प्रशिक्षण कम से कम सात कार्य दिवसों में दिया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा कर्मी को स्वयं की शारीरिक तंदरुस्ती, भौतिक सुरक्षा, संपत्ति की सुरक्षा, इमरात या अर्पाटमेंट की सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, परिवार की सुरक्षा, आग से बचाव के तरीके, भीड़ प्रबंधन, पहचान पत्र और पासपोर्ट सहित दस्तावेजों की पहचान संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
नियम कहता है कि निजी सुरक्षा कर्मी को कम से अंग्रेजी के वर्ण और अंकों की पहचान होनी चाहिए ताकि वे शस्त्र लाइसेंस, यात्रा दस्तावेज और सुरक्षा निरीक्षण पत्र आदि की पहचान कर सकें। गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री ने पिछले साल कहा था कि देश में करीब 90 लाख निजी सुरक्षा कर्मी है जबकि देश में पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिकों की कुल संख्या महज 30 लाख के करीब है।
