Bareilly: सीएम युवा उद्यमी योजना...बरेली की रफ्तार पर बैंकों का ब्रेक

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Published By Monis Khan
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महिपाल गंगवार, बरेली। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम युवा उद्यमी योजना में बरेली जनपद को भले ही प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। उद्योग विभाग इस उपलब्धि के बाद भी बैंकों के रवैये से नाखुश है। 

उद्योग विभाग का दावा है यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत से आई है, क्योंकि विभाग ने तय लक्ष्य से दोगुने से ज्यादा आवेदन जुटाए, मगर बैंकों ने इस मेहनत पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश में बरेली शीर्ष स्थान पर होने की उम्मीद जताई जा रही थी। सबसे ज्यादा नाराजगी निजी बैंकों की कार्यशैली को लेकर है। आरोप है कि बैंक न तो समय पर फाइलें निपटाते हैं और न ही बैठकों में दिए निर्देशों को गंभीरता से लेते हैं।

उद्योग विभाग को सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 2707 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष बरेली में 5640 आवेदन आए। विभागीय अमले ने रात-दिन एक कर 5023 आवेदनों को बैंकों तक भेजा, मगर स्वीकृति मिली सिर्फ 1960 मामलों में। यानि आधे से भी कम। विभागीय अफसर कहते हैं कि योजना की सबसे बड़ी बाधा बैंकिंग सिस्टम बना हुआ है। बैंकों की ढिलाई न होती तो बरेली प्रदेश में अव्वल होता।

प्रदेश की टॉप फाइव जिलों की सूची में आजमगढ़, जौनपुर, कानपुर और हरदोई बरेली से आगे हैं। बरेली पांचवें नंबर पर है। बताया जा रहा है कि यह रैंकिंग भी इसलिए बची रही क्योंकि उद्योग विभाग लगातार फॉलोअप कर बैंकों पर दबाव बनाता रहा। इसके लिए विभाग की ओर से शिविर, कैंप और बैंक वालों के साथ समीक्षा बैठकें भी की, मगर जब फाइलें बैंक काउंटर पर पहुंची तो वहीं अटक गई।

इन बैंकों की स्थिति सबसे अधिक खराब
पिछले महीने डीएम अविनाश सिंह ने निजी बैंकों की खराब प्रगति पर नाराजगी जाहिर की थी। सख्त निर्देश दिए थे कि फाइलों को लंबित न रखें। इसके बावजूद पंजाब एंड सिंध बैंक में 40 के सापेक्ष एक फाइल ही स्वीकृत की। इसी तरह यूको बैंक के पास 34 फाइलें धूल फांक रही हैं। सिर्फ एक ही फाइल लोन के लिए स्वीकृत की है। नैनीताल बैंक ने 30 के सापेक्ष एक, इंडियन बैंक ने 45 के सापेक्ष तीन, इंडियन ओवरसीज बैंक ने 20 के सापेक्ष चार, कैनरा बैंक ने 60 के सापेक्ष पांच फाइल की पास की।

आंकड़े एक नजर में
लक्ष्य: 2707

प्राप्त आवेदन: 5640

बैंकों को भेजे गए आवेदन: 5023
स्वीकृत: 1960

उपायुक्त उद्योग विकास यादव ने बताया कि हमने बरेली में 5023 आवेदन बैंकों तक पहुंचाए, लेकिन स्वीकृति सिर्फ 1960 मिली। निजी बैंक समय पर कार्रवाई नहीं कर रहे, वहीं सरकारी बैंक कुछ हद तक सहयोग कर रहे हैं। विभाग लगातार फॉलोअप कर रहा है, शिविर और समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अगर बैंक पूरी गंभीरता से सहयोग दें तो बरेली प्रदेश में अव्वल हो सकता है।

 

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