UP: कब्रिस्तान की पैमाइश पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

संभल, अमृत विचार। संभल के विवादित धार्मिक स्थल श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद परिसर से सटे करीब आठ बीघा कब्रिस्तान की पैमाइश के अगले ही दिन मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया। संभल प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में 17 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर पैमाइश व आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने प्रशासन को राहत देते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अभिषेक मिश्रा एवं न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी एवं राजीव मिश्रा ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह एवं मनोज कुमार मिश्रा ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासन द्वारा 30 दिसंबर को की गई पैमाइश पर कोई रोक नहीं लगाई। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने स्वामित्व से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज राजस्व टीम के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके साथ ही सभी याचिकाओं का निस्तारण कर दिया गया।

गौरतलब है कि एसडीएम के आदेश पर मंगलवार को चार कानूनगो और 22 लेखपालों की टीम ने शाही जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की पैमाइश की थी। इस दौरान करीब ढाई बीघा भूमि पर अवैध कब्जा पाए जाने का दावा किया गया था। जांच में उक्त भूमि पर 22 दुकानें और उनके ऊपर बहुमंजिला मकान बने होने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई पर रोक न लगाए जाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। 

पैमाइश के बाद प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिन लोगों पर अवैध कब्जे का आरोप है, वे अपने स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें। दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस की इस सख्ती के बाद पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

 

संबंधित समाचार