मौर्या उद्योग लि. की 99.26 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED की लखनऊ टीम ने की कार्रवाई
आम्रपाली समूह के निवेशकों के रुपये मौर्या उद्योग में किये गये थे ट्रांसफर
लखनऊ, अमृत विचार। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लखनऊ टीम ने आम्रपाली समूह के पीएमएलए के तहत 99.26 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। जब्त की गई संपत्तियों में मौर्या उद्योग लि. का कार्यालय, कारखाना भूमि व भवन शामिल है। यह सुरेका समूह की एक इकाई है। जिसके मालिक नवनीत सुरेका व अखिल सुरेका है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक आम्रपाली समूह के भवन खरीदने में निवेशकों ने करोड़ों रुपये निवेश किये, जिसे मौर्या उद्योग लि. में लगाया गया। ईडी के मुताबिक, मौर्या उद्योग लि. की 30 दिसंबर 2016 तक कुल बाजार मूल्य 99.26 करोड़ रुपये था। ईडी ने गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों और दिल्ली पुलिस के ईओडब्ल्यू में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की है।
यह मामला पीड़ित घर खरीदारों की ओर से दायर याचिकाओं पर दर्ज किया गया है। आरोप था कि आम्रपाली समूह ने घर खरीदारों से भारी मात्रा में धन जुटाया। निर्धारित समय के भीतर फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया। फर्जी लेनदेन, जालसाजी और धोखाधड़ी की साजिश कर घर खरीदारों के धन का दुरुपयोग किया।
निवेशकों के रुपये से बनाई कई औद्योगिक इकाई
ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों, उनके सहयोगियों व प्रमोटरों, जिनमें आम्रपाली समूह के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार शामिल हैं। इन सभी ने नवनीत सुरेका व अखिल सुरेका, जो मौर्या उद्योग लि. और जोतिंद्रा स्टील एंड ट्यूब्स लि. के निदेशक हैं, के साथ मिलकर टीएमटी बार और निर्माण सामग्री की खरीद की आड़ में फर्जी और धोखाधड़ी वाले लेनदेन के माध्यम से घर खरीदारों के धन का गबन किया।
फर्जी संस्थाओं और जाली आपूर्तिकर्ताओं का जाल बुना। जिसकी आड़ में धन को कई स्तर पर वितरित किया और नकदी में निकाल लिया। जिससे अपराध की आय (पीओसी) उत्पन्न हुई और मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। आम्रपाली समूह के घर खरीदारों से जुटाए गये धन से 110.39 करोड़ रुपये मौर्या उद्योग में लगाया। कंपनी का मूल प्रमाण पत्र समाप्त हो गया था। अब सीधे कुर्की के लिए उपलब्ध नहीं थे। इसलिए ईडी ने पीएमएलए के हत उनके मूल्य के अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया।
ईडी ने दर्ज किए छह मामले, 33 आरोपी बनाए
ईडी के मुताबिक, आम्रपाली समूह के निदेशक अनिल शर्मा, शिव प्रिया, अजय कुमार, लेखा परीक्षक अनिल मित्तल, मुख्य वित्तीय अधिकारी चंदर प्रकाश वधवा को गिरफ्तार किया था। ईडी ने छह मामले दर्ज किये हैं। जिसमें 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने अब तक इस समूह से जुड़े लोगों की कुल मिलाकर 303.08 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया है।
