इलाके में जाम... तीन चौकी प्रभारी लाइन हाजिर, दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
लखनऊ, अमृत विचार: नए वर्ष के पहले दिन राजधानी के प्रमुख इलाकों में जाम लग गया था। इसे देखते हुए शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने अधिकारियों की बैठक बुलाई। जाम की समस्या से सख्ती से निपटने के निर्देश दिया। साथ ही जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। शनिवार को पश्चिमी जोन के पांच चौकी प्रभारियों को जाम के लिए दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सतखंडा, रूमी गेट और हुसैनाबाद चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं रिवर बैंक कॉलोनी और पुराने हाईकोर्ट चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीसीपी पश्चिम ने की है। साथ ही चौक ट्रैफिक इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को पत्र लिखा है।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, सतखंडा चौकी इंचार्ज सत्येंद्र प्रताप, रूमी गेट चौकी इंचार्ज कुलदीप कुशवाहा और हुसैनाबाद चौकी इंचार्ज दिलीप चौबे को लाइन हाजिर कर दिया है। रिवर बैंक कॉलोनी चौकी इंचार्ज रणविजय सिंह और पुराने हाईकोर्ट चौकी इंचार्ज विनोद सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अलावा चौक ट्रैफिक इंस्पेक्टर जमानत अब्बास के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को रिपोर्ट भेजी गई है। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते नए वर्ष के पहले दिन प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
बिना लाइसेंस वेंडर बने कारण
पुराने लखनऊ में जाम के कारण का पता लगाया गया तो सामने आया कि अवैध वेंडर ने फुटपाथ पर दुकानें सजा रखी थीं। यहां पर लोग रुक-रुक कर खा-पी रहे थे। इसके कारण धीरे-धीरे भयानक ट्रैफिक जाम लग गया। जांच में सामने आया कि यह लोग चौकी इंचार्जों के सहयोग से दुकान लगाते थे। ऐसे में जांच की जा रही है कि वसूली में कौन-कौन शामिल था। उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने की थी शुक्रवार को समीक्षा
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक की, जिसमें यातायात दबाव और ट्रैफिक प्रबंधन की विस्तृत रिपोर्ट ली थी। समीक्षा में सामने आया कि नववर्ष के पहले दिन लोगों ने होटल, माल और पर्यटन स्थलों के बजाय धार्मिक स्थलों का रुख अधिक किया। हनुमान सेतु, खाटू श्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम में लगभग पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जिनका आवागमन करीब एक लाख वाहनों से हुआ। इसके अलावा कतकी मेला और उत्तरायणी मेला के कारण परिवर्तन चौक और नदवा बंधा मोड़ पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहा। क्षेत्र पहले से ही घनी आबादी वाला और संकरी सड़कों वाला है। जहां सामान्य दिनों में भी जाम की स्थिति बनी रहती है। दोपहर बाद वाहनों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दबाव जरूर बना, लेकिन पुलिस के अनुसार यातायात को पूरी तरह ठप नहीं होने दिया गया।
