Sakat Chauth 2026: जानिए किस दिन रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत, बाजारों में सजी तिल की सामग्रियां, खरीदार शुरू
कानपुर, अमृत विचार। माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाला सकट चौथ व्रत 6 जनवरी मंगलवार को होगा। संतान के सुख के लिए रखे जाने वाले इस व्रत के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दिन तिल के महत्व के चलते बाजारों में तिल की सामग्रियां सज गई हैं।
खासतौर पर सफेद व काले तिल के लड्डू, लइया के लड्डू, गजक सहित अन्य सामानों की बिक्री तेज हो गई है। व्रत के बारे में वैदिक विभूषण ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस व्रत को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ सहित अन्य कई नामों से जाना जाता है। यह व्रत सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देवता की पूजा-अर्चना और व्रत से जुड़ा है। सकट चौथ का पर्व अत्यंत ही पुण्यदायी माना गया है।
सकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का धार्मिक महत्व संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सभी संकटों (बाधाओं) को दूर करने के लिए भगवान गणेश और सकट माता को समर्पित है। जिसमें महिलाएं बच्चों की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं, तिल-कुटा का भोग लगाती हैं और चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है और इसे करने से विघ्नहर्ता गणेश सभी बाधाएं हर लेते हैं। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। चूंकि 6 जनवरी को चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में हो रहा है और 7 जनवरी को पंचमी तिथि में, इसलिए व्रत 6 जनवरी मंगलवार को ही व्रत रखा जाएगा।
इसी दिन श्रीगणेश जी की पूजा और शाम को चन्द्रोदय के समय तिल, गुड़ आदि का अर्ध्य चन्द्रमा को दिया जाता है। तिल को भूनकर गुड़ के साथ कूट लिया जाता है। तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है। कहीं-कहीं तिलकुट का बकरा भी बनाया जाता है।
बने तीन शुभ योग
6 जनवरी मंगलवार को सकट चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:15 से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा। प्रीति योग पूरे दिन रहेगा और रात 8:21 बजे के बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। इस दिन अश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र का आरंभ होगा। ये योग पूजा-पाठ के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
