UP: सलेमपुर सलार में बुलडोजरों ने ध्वस्त किया मदरसा...करोड़ों की सरकारी जमीन पर था कब्जा
संभल, अमृत विचार। संभल तहसील क्षेत्र के ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में मदीना मस्जिद मुस्लिमों द्वारा खुद तोड़ लिये जाने के बाद प्रशासन के बुलडोजर गांव में मुख्य मार्ग के किनारे करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाकर बनाए गए मदरसे की तरफ मुड़ गए। डीएम, एसपी व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजरों ने तीन घंटे की लगातार कार्रवाई में मदरसे को ध्वस्त कर दिया। इससे पहले जब बुलडोजर मदरसे के दरवाजे पर पहुंचे तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आनन फानन में मदरसे में रखा सामान समेटने का काम शुरु किया।
सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में जहां सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद के ध्वस्तीकरण का आदेश प्रशासन ने जारी किया था, वहीं गांव में बने मदरसे को लेकर भी ऐसा ही आदेश जारी किया गया था। यह मदरसा भी कीमती सरकारी जमीन पर बनाया गया था। मुख्य मार्ग के किनारे बने मदरसे में आठ से ज्यादा दुकानें भी बनी थीं। मुस्लिमों ने मदीना मस्जिद का निर्माण खुद तोड़ लिया तो अधिकारियों ने मदरसे का निर्माण तुड़वाकर सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने की कवायद शुरु की।
मदीना मस्जिद से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मदरसे पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह एवं सीओ कुलदीप सिंह सहित 31 राजस्व अधिकारियों की टीम और बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बताया कि मदरसा 1339 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाया था। तहसीलदार द्वारा सितंबर माह में इस अवैध निर्माण को चिन्हित करते हुए मदरसे पर लाल निशान लगाए गए थे। तहसीलदार न्यायालय में मदरसे की विधिवत सुनवाई के बाद प्रशासन ने 2 जनवरी को धारा 67 के तहत अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था।
पुलिस-प्रशासन की टीम मदरसे पर पहुंची तो सबसे पहले ढोल बजवाकर मदरसे की बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई की मुनादी कराई गई। मुनादी होते ही मुस्लिम समुदाय के लोग मदरसे को खाली करने में जुट गये। मदरसे के भीतर रखा सारा सामान बाहर निकाला गया। पानी की टंकी व सब मर्सिबल भी उखाड़ लिया गया। कमरों में रखा सामान भी हटा दिया गया। इसके साथ ही दुकानों को भी खाली किया गया। इसके बाद तीन बुलडोजरों की मदद से मदरसा भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई में पांच कमरों और आठ दुकानों वाले मदरसे को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पांच थानों के थाना प्रभारी, 60 कांस्टेबल, 20 सब इंस्पेक्टर, 20 महिला पुलिसकर्मी और रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों सहित 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में 1339 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मदरसे का निर्माण किया गया था, जिसे अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार को बुलडोजर के जरिए मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। गांव में तीन कंपनी रैपिड रिएक्शन फोर्स, पांच थानों की पुलिस फोर्स, क्षेत्राधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि संभल तहसील के सलेमपुर सालार और हाजीपुर गांव के कुछ लोग पूर्व में प्रशासन के पास आए थे, जिनके पास रहने के लिए भूमि नहीं थी। लेखपाल से कराई गई जांच में सामने आया कि गांव में कोई भी सरकारी भूमि खाली नहीं है, बल्कि अधिकांश सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। प्रशासन द्वारा संरक्षित भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाते हुए 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है, जिसे 20 पात्र गरीब लोगों को आवंटित किया गया है। डीएम ने बताया कि इसी गांव में करीब 4000 वर्ग मीटर भूमि में से लगभग 1500 वर्ग मीटर पर मदरसा बनाकर अवैध कब्जा किया गया था। इस अवैध कब्जे को भी हटवा दिया गया है। इसके साथ ही वहां व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। जिन लोगों द्वारा किराया वसूला जा रहा था, उन पर अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में हुए खर्च की वसूली भी संबंधित लोगों से की जाएगी।
