जर्मनी में जलवे के लिए तैयार यूपी, कालीन नगरी भदोही के निर्यातक Himtextile-2026 में लेंगें हिस्सा
भदोही। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित होने वाले हिमटेक्स्टिल-2026 में भाग लेने के लिए कालीन नगरी भदोही के निर्यातक रवाना हो गये हैं। ट्रंप टैरिफ के बाद इस मेले की अहमियत काफी बढ़ गई है। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के क्षेत्रीय निदेशक अखिलेश कुमार ने शुक्रवार को यहां बताया कि जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में 13 से 16 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय कालीन मेले हिमटेक्स्टिल में भाग लेने के लिए कालीन निर्यातकों का पहला जत्था जर्मनी के लिए रवाना हो गया।
बता दें कि ट्रंप टैरिफ ने भारतीय कालीनों के छोटे व मझोले निर्यातकों के कारोबार को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है। इन परिस्थितियों में भारतीय कालीन निर्यातक अमेरिका से हटकर विश्व बाजार में कुछ नए कालीन आयातक देशों की तलाश में जुटे हैं, ताकि अमेरिका के टैरिफ प्रभाव को निष्प्रभावी किया जा सके। उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ थोपे जाने के बाद समस्याएं काफी बढ़ी हैं।
बिगड़े हालातो में जनवरी माह में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित होने वाले हिमटेक्स्टिल में पांच से सात दर्जन निर्यातक भाग लेने वाले हैं। मेले में भाग लेने के लिए लगभग दो दर्जन कालीन निर्यातकों का एक बड़ा जत्था कालीनों के आकर्षक सैंपल के साथ जर्मनी के लिए रवाना हो गया।
दुनिया के कारोबारी लेते हिस्सा
हिमटेक्स्टिल में फ्रांस, इटली, स्पेन, डेनमार्क, फिनलैंड, पोलैंड, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंग्लैंड, ग्रीस व पुर्तगाल सहित दुनियां के तमाम देशों के कालीन कारोबारी भाग लेते हैं। इस कालीन मेले से भारतीय कालीन निर्यातकों के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। यह कालीन मेला होम डेकोर से संबंधित कालीनों का विशाल मेला है। इसमें उत्पाद प्रदर्शित करने का अच्छा-खासा लाभ मिल सकता है।
