UP: कॉर्बेट पार्क में मोबाइल फोन पर लगेगा प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कवायद की तेज

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Published By Monis Khan
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रामनगर, अमृत विचार। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटन जोनों में अब सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। अब पार्क के भीतर किसी भी पर्यटक, वन कर्मी, नेचर गाइड या जिप्सी चालक को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद लिया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट और पर्यटन क्षेत्रों में सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और प्राकृतिक वातावरण में किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप रोका जा सके। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने इसकी पुष्टि की है। वहीं उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि सफारी के दौरान स्मार्टफोन का उपयोग नहीं किया जाएगा।

हालांकि पर्यटक प्रोफेशनल कैमरे, जैसे डीएसएलआर कैमरा अपने साथ ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पार्क प्रशासन कोर्ट के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए आवश्यक गाइडलाइन तैयार की जा रही हैं। जल्द ही सफारी के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे और पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही फोन जमा करना होगा।

पर्यटकों के साथ ही स्टाफ भी नहीं रख सकेगा मोबाइल
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, पंजीकृत टूर गाइड, जिप्सी एवं सफारी वाहन चालक, नेचरलिस्ट, कोर ज़ोन में कार्यरत होटल एवं लॉज संचालक तथा पार्क के भीतर प्रवेश करने वाला कोई भी स्टाफ मोबाइल फोन अपने पास नहीं रख सकेगा। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ढिकाला, सर्पदुली, गैरल, सुल्तान, बिजरानी, झिरना, गर्जिया, सोनानदी, दुर्गा देवी, पाखरो, मुंडिया पानी, तराई पश्चिमी का फाटो जोन सहित रामनगर वन प्रभाग के सितावनी, पवलगढ़ और कॉर्बेट हेरिटेज सफारी जोन शामिल हैं, जहां डे सफारी और नाइट स्टे की सुविधा उपलब्ध है।

 

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