धीमी होती रफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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भारत इस साल मानव विकास सूचकांक में दो पायदान नीचे फिसल गया है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की ओर से जारी की 189 देशों की सूची में भारत 131वीं रैंक पर पहुंच गया है। यह सूचकांक नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डा. अमर्त्य सेन की मानवीय क्षमता की अवधारणा पर आधारित है। सेन का मानना …

भारत इस साल मानव विकास सूचकांक में दो पायदान नीचे फिसल गया है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की ओर से जारी की 189 देशों की सूची में भारत 131वीं रैंक पर पहुंच गया है। यह सूचकांक नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डा. अमर्त्य सेन की मानवीय क्षमता की अवधारणा पर आधारित है। सेन का मानना था कि क्या लोग अपने जीवन में बुनियादी चीजों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित जीवन स्तर पाने में सक्षम हैं।

हालांकि, यूएनडीपी का कहना है कि सूची में फिसलने का यह मतलब कतई नहीं है कि भारत में काम नहीं हो रहा है, बल्कि इसका अर्थ यह है कि अन्य देशों ने बेहतर काम किया है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान को मध्यम मानव विकास वाले देशों में स्थान दिया गया। 1990 से 2000 के दशक में भारत के अंकों में हर साल औसत 1.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

2000 से 2010 के दशक में यह आंकड़ा 1.58 प्रतिशत हो गया, लेकिन 2010 से 2019 के बीच मानव विकास की रफ्तार गिर कर 1.21 प्रतिशत प्रति वर्ष हो गई। पिछले कुछ सालों में यह दर और भी गिर कर 2018 में 0.3 प्रतिशत और 2019 में 0.5 प्रतिशत पर आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बच्चों में कुपोषण से जुड़ी समस्याएं ज्यादा नजर आ रही हैं।

भारत में विशेष रुप से लड़कों के मुकाबले लड़कियों में ज्यादा कुपोषण देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सरकारी निवेश में गिरावट है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में 2018 के मुकाबले 2019 में भारत में क्रय शक्ति क्षमता के आधार पर प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय में भी गिरावट आई और यह 6,829 डॉलर से गिर कर 6,681 डॉलर पर आ गई। इसमें भारत दूसरे देशों के मुकाबले 162वें पायदान पर है।

कुछ महीने पहले ग्लोबल भूख सूचकांक की रिपोर्ट सामने आई थी। इस सूचकांक में भी दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान को छोड़कर बाकी सभी देश भारत से ऊपर के पायदान पर थे। इस सूची में भारत 94वें स्थान पर आया था जबकि आस-पास के बाकी देशों में पाकिस्तान 88वें, म्यांमार 78वें, बांग्लादेश 75वें, नेपाल 73वें और श्रीलंका 64वें स्थान पर थे। भारत अभी भी विकासशील देशों के औसत से नीचे है। गनीमत रही कि मानव विकास सूचकांक में भारत की स्थिति बंगलादेश, पाकिस्तान से अभी बेहतर है। परंतु फिर भी देखना होगा कि देश में लगातार मानव विकास की रफ्तार धीमी क्यों होती जा रही है।