Bareilly : स्काई वॉक...सिर्फ शोपीस, न दुकानें सजीं और न ट्रैफिक दौड़ा
बरेली, अमृत विचार। शहर के बीचोबीच पटेल चौक पर बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 11.34 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्काई वॉक का डेढ़ साल के बाद भी संचालन नहीं हो सका है। स्काई वॉक पर न दुकानें सजीं और न ही लोग इस पर चढ़े। सिर्फ शोपीस बनकर खड़ा हुआ है। स्काई वॉक पर लोगों के आने-जाने के लिए तीन लिफ्ट और एक एस्केलेटर का भी निर्माण कराया, जो संचालित न होने के कारण जंक खा रहे हैं।
रखरखाव के अभाव में संपत्ति की दुर्दशा हो रही है। हालांकि नगर निगम के अफसर स्काई वॉक के जल्द संचालन का दावा कर रहे हैं। बरेली में कमिश्नर रह चुके आईएएस रणवीर प्रसाद ने स्काई वॉक का प्लान किया। उन्होंने मेट्रो शहरों की तर्ज पर शहर के बीचोबीच स्काई वॉक बनवाकर लोगों को सुविधाएं देने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अफसरों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई थी। स्काई वॉक के निर्माण के पीछे अफसरों की मंशा थी कि खरीदारी के उद्देश्य से आने वाले शहरवासियों को एक स्थान पर रोजमर्रा की जरूरत की विभिन्न प्रकार की वस्तुएं मिल सकें। बाजार में अनावश्यक भीड़ न होने और जाम से छुटकारा मिलने के साथ सुरक्षित सफर का आनंद भी लोगों को मिले, लेकिन 11.34 करोड़ की लागत से तैयार स्काई वॉक के संचालन काे लेकर अफसर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। चार दिन पहले प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर नगर आयुक्त को स्काई वॉक समेत अन्य प्रोजेक्ट शुरू कराने के भी निर्देश दिए थे।
मुंबई की तीन एजेंसियां दे चुकी हैं प्रेजेंटेशन
- पिछले साल मुंबई की तीन फर्मों ने स्मार्ट सिटी कंपनी के सामने स्काई वॉक के संचालन का प्रेजेंटेशन दिया था। एजेंसियों ने स्काई वॉक पर 35 दुकानें बनवाने की बात कही थी, जबकि यहां पर 80 दुकानों का भार सहने की क्षमता है। स्काई वॉक स्मार्ट सिटी कंपनी की आय का जरिया है मगर संचालन नहीं होने से आमदनी बंद है। अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय ने बताया कि स्काई वॉक के संचालन के संबंध में टेंडर निकाल दिया है, जल्द टेंडर खुलेगा और फर्म का चयन किया जाएगा।
