खेतों की बाढ़ में करंट दौड़ने वाले जाएंगे जेल, भरना होगा जुर्माना : एडीजी पीयूष मोर्डिया ने दी चेतावनी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया ने रविवार को कहा कि फसल को पशुओं से बचाने के लिए लगाई जाने वाली बिजली की बाढ़ (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) इंसानों की जान ले रही है। उन्होंने सख्त कदम उठाते हुए खेतों में बिजली के तारों को लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया रविवार को जौनपुर में पुलिस लाइन का निरीक्षण करने के पश्चात "यूनीवार्ता" से बात करते हुए कहा कि प्रायः देखा गया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में किसान अपनी फसलों को पशुओं से बचने के लिए खेतों के चारों ओर विद्युत फेसिंग कर रहे हैं यह प्रवृत्ति खतरनाक और अवैध है इसकी वजह से लोगों की जान जा रही है, ऐसे मामलों में जहां यह सिद्ध हुआ कि खेतों में बादों में अवैध रूप से बिजली प्रवाहित की गई थी, इन मामलों में जो दोषी पाए गए थे, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा कि विद्युत फेसिंग करना न केवल खतरनाक है बल्कि कानून के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी है। उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता किसानों को बिजली का उपयोग केवल सिंचाई या मोटर संचालन के लिए करने की अनुमति देता है खेत की बाढ़ में बिजली प्रवाहित करना अनुचित उपयोग की श्रेणी में आता है, ऐसा पाए जाने पर बिजली का कनेक्शन काटा जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोर्डिया ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार विद्युत प्रवाह से किसी व्यक्ति या पशु की मौत होती है, तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा, यह अपराध गैर जमानती है, ऐसा करने वालों के खिलाफ कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है। एडीजी जोन मोर्डिया ने किसानों से अपील की है कि खेतों की सुरक्षा के लिए केवल बिना बिजली का कांटेदार तार बस लकड़ी या जाल से बाढ़ बनाएं, किसी भी स्थिति में बाढ़ में बिजली प्रवाहित न करें।
उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर बिजली लगा बाढ़ दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस या बिजली विभाग को दें। उन्होंने कहा कि इससे आजमगढ़ मिर्जापुर सोनभद्र गाजीपुर और जौनपुर और बलिया में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन जौनपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की उपस्थिति में रिजर्व पुलिस लाइन जौनपुर का गहनता से निरीक्षण किया।
उन्होंने ने पुलिस लाइन परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों तथा पुराने भवनों के नवीनीकरण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता को उच्च स्तर पर बनाए रखने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस कर्मियों के कल्याण हेतु बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और परिसर की साफ-सफाई व व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से गोल्डी गुप्ता, सहायक पुलिस अधीक्षक सह क्षेत्राधिकारी नगर, सुश्री श्रृष्टि जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक, दिनदयाल दिक्षित प्रतिसार निरीक्षक, रिजर्व पुलिस लाइन जौनपुर उपस्थित रहे।
