UP: पीटीआर से सटे 72 संवेदनशील गांवों के युवा बनेंगे आत्मनिर्भर
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे संवदेनशील गांवों के युवा भी अब विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इसको लेकर इन गांवों के युवाओं को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण के बाद पारंगत युवा विभिन्न क्षेत्रों में स्वत: रोजगार शुरू कर अपने जीवन की राह आसान कर सकेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ एमओयू साइन करने वाली यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के द्वारा दिलाया जाएगा। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक पेंच एवं कान्हा टाइगर रिजर्व के साथ अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्रों में कम्यूनिटी डेवलपमेंट समेत अन्य कार्य कर रही है।
तराई की तलहटी स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व को एक दशक पूर्व टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया था। संरक्षित वन क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद यहां बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या में संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई। हालांकि उस दौरान जिम्मेदार टाइगर रिजर्व का दर्जा देने के साथ जरुरी संसाधन मुहैय्या कराना ही भूल गए थे। नतीजा यह हुआ कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी।
टाइगर रिजर्व प्रशासन के पास इन मुश्किलों से निपटने के पर्याप्त संसाधन न होने से घटनाओं में इजाफा होता रहा। हालांकि बाद में टाइगर रिजर्व को संसाधन मुहैय्या कराए गए, मगर यह संसाधन नाकाफी साबित होते रहे हैं। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रशासन विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से धीरे-धीरे अन्य जरुरी संसाधन भी जुटा रहा है। वर्ष 2024 में एमथ्रीएम फाउंडेशन ने टाइगर रिजर्व के साथ समझौता किया था, जिसके बाद से संस्था की ओर से वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े संसाधन मुहैय्या कराए जा रहे हैं।
इधर बीते वर्ष यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ एमओयू साइन किया था। इसके बाद यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड से टाइगर रिजर्व समेत इससे सटे इलाके में रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने में मदद कर रहा है। इधर अब यूनिटी स्मॉल फाइलेंस बैंक ने कम्युनिटी डेवलपमेंट के तहत पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे संवेदनशील गांवों के युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया है।
चार अलग-अलग ट्रेडों में किया जाएगा पारंगत
यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक ने टाइगर रिजर्व प्रशासन के साथ के मिलकर इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की रुपरेखा तय की है। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक अनुबंध करने वाली संस्था संवेदनशील गांवों के युवक युवतियों को चार ट्रेडों का अलग-अलग प्रशिक्षण देगी। इसमें ऑटोमोबाइल्स, मोबाइल टैक्नीशियन, ब्यूटी पार्लर एवं सिलाई शामिल हैं। चयनित युवक-युवतियों को ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे 72 संवेदनशील गांवों से युवक-युवतियों का चयन किया जाएगा। बता दें कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे 72 ऐसे संवेदनशील गांव हैं, जहां पूर्व में बाघ संबंधी घटनाएं हो चुकी है। इन संवेदनशील गांवों में टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि यहां के लोग भी एक बेहतर जीवन जी सकें।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर के सटे गांवों में आजीविका बढ़ाने समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब अनुबंध करने वाली संस्था द्वारा कम्युनिटी डेवलपमेंट के तहत संवेदनशील गांवों के युवाओं को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसकी रुपरेखा तैयार की जा चुकी है। जल्द ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम धरातल पर लाने की तैयारी की जा रही है।
