अयोध्या में फिर उमड़ा भक्तों का सैलाब, माघ मेला से बड़ी संख्या में रामलला के दर्शनों को आ रहे श्रद्धालु
अयोध्या, अमृत विचार। मौनी अमावस्या के दूसरे दिन सोमवार को रामनगरी में आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही सरयू में स्नान कर दान पुण्य करने के बाद प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। राम मंदिर और हनुमान गढ़ी मंदिर पर दिन भर दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी रही। एक अनुमान के मुताबिक करीब 10 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। सोमवार सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं रामलला के दर्शन किये। हनुमानगढ़ी पर भारी भीड़ से महाकुंभ सा नजारा दिख रहा था।
प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने किये रामलला के दर्शन
प्रसिद्ध कथावाचक व मशहूर कवि कुमार विश्वास सोमवार को अंबेडरनगर में आयोजित श्रवण धाम महोत्सव में शामिल होने से पहले अयोध्या पहुंचे। जहां भाजपा के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा और डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने स्वागत किया। जिसके बाद राम मंदिर में रामलला के दर्शन किये। इस दौरान कुमार विश्वास ने कहा कि श्री रामलला की कृपा है कि इसके पहले गर्भगृह में पधारे थे। तब भी यहां आने का आदेश प्राप्त हुआ था। कहा कि जिस प्रकार से अयोध्या का विस्तृत विस्तार होने चाहिए उसका छोटा प्रयास समाज और व्यवस्थाओं ने किया है। इसलिए अधिक रुचि कर लगता है। अब अयोध्या में सुंदर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व अच्छी सड़कें हैं। संसदीय समिति में शामिल राहुल गांधी का रामलला के दर्शन करने की प्रस्तावित संभावनाओं पर बोले दल से विरोध कीजिए राम से नहीं। इनका विरोध करके कोई रहा नहीं। आशा करता हूं भगवान सबको सद्बुद्धि देंगे।
मौनी अमावस्या के दिन रविवार शाम से ही प्रयागराज में संगम स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु सरयू घाटों पर पहुंच गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई और दीप जलाया। स्नान के बाद भक्त सीधे राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान गढ़ी की ओर बढ़े। सबसे ज्यादा दबाव रामपथ, हनुमानगढ़ी व राम मंदिर में दिखा। भीड़ को देखते हुए सुबह 6 बजते ही श्रृंगार आरती के साथ रामलला का पट खुल गये। घंटों इंतजार के बाद श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला। दर्शन करने पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं में आस्था के अलग स्वरूप दिखे। कहीं जय श्रीराम तो कही हर-हर महादेव व जय बजरंग बली का उद्घोष तो कहीं भजन करते हुए श्रद्धालु माहौल को भक्तिमय बना रहे थे। श्रीराम जन्मभूमि पथ पर दर्शन कतार में लगे श्रद्धालु राघवेंद्र तिवारी, अर्चना, शांति, उमा, प्रीती, सुरेंद्र आदि ने बताया कि संगम व सरयू स्नान के बाद आराध्या रामलला का दर्शन पाकर हमारा जीवन सफल हो गया।
हनुमानगढ़ी मंदिर पर भीड़ का रहा सर्वाधिक दबाव
-सरयू स्नान के बाद धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए श्रद्धालु सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे। यहां दर्शन कर बजरंग बली से उनके आराध्य रामलला की दर्शन की अनुमति मांगी। इसके चलते भीड़ का सबसे अधिक दबाव यहीं दिखा। इसको देखते हुए गर्भगृह पर दर्शन के लिए पूर्व की व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया गया। जगह कम होने के कारण श्रद्धालुओं को लगभग 30 फीट की दूरी से ही दर्शन प्राप्त हुए। दर्शन कतार व सीढ़ियों पर कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी। श्रद्धालुओं को टुकड़ियों में मंदिर में प्रवेश दिया गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को निकास मार्ग से बाहर निकाला गया। गद्दीनशीन महंत प्रेमदास ने बताया कि मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को हनुमान जी के दर्शन प्राप्त हो, इसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई।
24 हजार यात्रियों ने ट्रेनों से किया सफर
अयोध्या, अमृत विचार। मौनी अमावस्या स्नान को लेकर उत्तर रेलवे ने प्रयाग और अयोध्या धाम व कैंट रेलवे स्टेशन से तीर्थ यात्रियों के सुगम आवागमन हेतु 17 मेला स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई। अयोध्या से चार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई, इनमें करीब छह हजार यात्रियों ने सफर किया। जबकि अयोध्या धाम होकर जाने वाले 36 नियमित ट्रेनों में 18 हजार यात्रियों ने सफर किया। कुल मिलाकर अयोध्या से 24 हजार यात्रियों ने अयोध्या-प्रयागराज-अयोध्या के लिए सफर किया।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि अभी अयोध्या में भीड़ रहने की उम्मीद है, इसलिए यात्रियों के सुगम आवागमन को सुचारु रूप से रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उम्मीद है कि तीर्थयात्री पारंपरिक तीर्थ यात्रा को पूरा करने के लिए वाराणसी की ओर बढ़ सकते हैं। इसके लिए आवश्यकतानुसार प्रयाग, अयोध्या और वाराणसी से और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि सभी तीर्थ यात्रियों की यात्रा सुरक्षित व आसान हो सके।
