बरेली: कॉलेज में रैगिंग मानने को तैयार नहीं एंटी रैगिंग कमेटी

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बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र वंश चतुर्वेदी के साथ रैगिंग व मारपीट के मामले में शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में पीड़ित छात्रों के अलावा आरोपी छात्रों समेत अन्य के बयानों को पढ़ा गया। कमेटी ने अपना निर्णय ले लिया है लेकिन सभी सदस्यों के …

बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र वंश चतुर्वेदी के साथ रैगिंग व मारपीट के मामले में शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में पीड़ित छात्रों के अलावा आरोपी छात्रों समेत अन्य के बयानों को पढ़ा गया। कमेटी ने अपना निर्णय ले लिया है लेकिन सभी सदस्यों के हस्ताक्षर के बाद निर्णय की जानकारी दी जा रही है।

सूत्रों से पता चला है कि कमेटी ने कॉलेज में रैगिंग की घटना को साफ नकार दिया है और इसे छात्रों के आपसी विवाद में मारपीट की घटना तक सीमित कर दिया है। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन और कमेटी के संयोजक प्रो. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार को निर्णय के बारे में जानकारी दी जाएगी।

बरेली कॉलेज में 3 दिसंबर को एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र वंश चतुर्वेदी ने सीनियर छात्रों पर परिचय पूछने के नाम पर रैगिंग और मारपीट करने का आरोप लगाया था। सूचना पर पहुंची चीफ प्रॉक्टर ने मामले को शांत किया था। प्राचार्य ने आरोपी छात्र राशिद का कॉलेज में प्रवेश प्रतिबंधित कर मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपने का आदेश जारी किया था।

इसके बाद से ही इस मामले में हीलाहवाली की जा रही है। पहले तो मामले की जांच ही तीन दिन बाद एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई लेकिन कमेटी के संयोजक प्रो. एचवी सिंह ने प्राचार्य पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रो. राकेश कुमार गुप्ता को कमेटी का संयोजक बनाया गया जिसके बाद जांच शुरू हुई। कमेटी ने जांच पूरी करने के बाद शुक्रवार को बैठक की।

बैठक में सदस्यों के अलग-अलग मत रहे लेकिन ज्यादातर कॉलेज में रैगिंग की घटना को नकारने की बात कर रहे हैं। इसके वजह है कि रैगिंग की घटना पुष्ट होने से कॉलेज की बदनामी होगी। इस पूरी घटना को सिर्फ मारपीट तक सीमित कर दिया गया है। आरोपी छात्र राशिद ने लिखित बयान में बताया कि वह खुद प्रथम सेमेस्टर का छात्र है क्योंकि उसकी परीक्षा में बैक आयी थी। वह कक्षा में पढ़ने गया था। इस दौरान उसकी पीड़ित छात्र से कहासुनी हो गई जिसमें धक्का-मुक्की हो गई। दूसरे छात्र ने बयान में कहा कि वह दूसरी कक्षा का छात्र है। वह शोर होने पर एलएलबी की कक्षा में गया था। इसके अलावा तीसरे छात्र ने भी अपने बचाव में लिखा है कि वह एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र है लेकिन विभाग में अपनी स्कीम पता करने गया था।

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