ड्रोन प्रोग्रामिंग : टेक्नोलॉजी में रोजगार का नया रास्ता

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Edited By Anjali Singh
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तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में आज ड्रोन केवल उड़ने वाली मशीन नहीं रह गए हैं। इन्हें प्रोग्राम करना, ऑटोमेट करना और अलग-अलग कामों के लिए तैयार करना एक नई और अहम स्किल बन चुकी है। यही वजह है कि 12वीं के बाद टेक्नोलॉजी में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए ड्रोन प्रोग्रामिंग कोर्स एक उभरता हुआ विकल्प बनकर सामने आया है। - ज्ञानेंद्र कुमार दीक्षित, बीबीडी, लखनऊ

क्या है ड्रोन प्रोग्रामिंग कोर्स 

ड्रोन प्रोग्रामिंग कोर्स में यह सिखाया जाता है कि ड्रोन को कोड के जरिए कैसे नियंत्रित किया जाए? ड्रोन किस दिशा में उड़ान भरे, कितनी ऊंचाई पर जाए, कैमरा कब एक्टिव हो और सेंसर से मिलने वाला डेटा कैसे इस्तेमाल किया जाए। ये सभी काम प्रोग्रामिंग से तय होते हैं। इस कोर्स में Python, C++, ROS और मिशन प्लानर जैसे सॉफ्टवेयर और टूल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। आसान शब्दों में कहें, तो यह कोर्स ड्रोन उड़ाने से ज्यादा, उसे सोचने और निर्देश समझने की क्षमता देता है।

कौन कर सकता है यह कोर्स

ड्रोन प्रोग्रामिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे 12 वीं पास छात्र भी कर सकते हैं। साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई करने वालों को इसमें थोड़ी बढ़त मिलती है, लेकिन आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र भी बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान के साथ इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। जिन युवाओं को टेक्नोलॉजी, मशीनों और नई चीजें सीखने में रुचि हैं, उनके लिए यह कोर्स खास तौर पर उपयुक्त माना जाता है।

क्या-क्या सिखाया जाता है कोर्स में
ड्रोन प्रोग्रामिंग कोर्स पूरी तरह प्रैक्टिकल आधारित होता है। इसमें

ड्रोन हार्डवेयर की बुनियादी जानकारी, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, ऑटोमेटेड मिशन प्लानिंग, GPS और सेंसर प्रोग्रामिंग, कैमरा और डेटा प्रोसेसिंग, लाइव प्रोजेक्ट और फील्ड ट्रेनिंग जैसी स्किल्स पर फोकस किया जाता है, जिससे छात्र इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।

जॉब और कमाई के अवसर

इस कोर्स के बाद रोजगार के कई विकल्प खुलते हैं। युवा ड्रोन प्रोग्रामर, ड्रोन ऑपरेटर, UAV इंजीनियर, ड्रोन मैपिंग स्पेशलिस्ट, सर्वे इंजीनियर या ड्रोन टेक्नीशियन के रूप में काम कर सकते हैं। शुरुआत में 25 से 50 हजार रुपये तक मासिक आय संभव है। अनुभव बढ़ने पर यही कमाई 1 से 2 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है। फ्रीलांस और प्रोजेक्ट आधारित काम में इससे भी अधिक कमाई के अवसर मिलते हैं।

भविष्य के लिहाज से अहम

ड्रोन टेक्नोलॉजी को खेती, पुलिस, सर्वे, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिल्म इंडस्ट्री, डिलीवरी और स्मार्ट सिटी जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से अपनाया जा रहा है। आने वाले समय में ड्रोन एक्सपर्ट्स की मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में ड्रोन प्रोग्रामिंग कोर्स युवाओं के लिए न केवल नई तकनीक सीखने का अवसर है, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत और आधुनिक करियर की नींव भी रखता है।

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