सांसद किशोरी लाल शर्मा बोले- अमेठी गांधी परिवार का था है और आगे भी रहेगा
अमेठी। अमेठी से कांग्रेस के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेठी गांधी परिवार का था है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेठी में शीघ्र ही एक बड़ा कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गांधी परिवार का कोई ना कोई सदस्य उसमें मौजूद रहेगा।
अमेठी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे शर्मा ने जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,'' गांधी परिवार अमेठी का है और अमेठी गांधी परिवार का है। गांधी परिवार हमेशा अमेठी के भले के लिए सोचता है। वह अमेठी के विकास के लिए सोचता है। '' उन्होंने कहा,''आज मैं यहां हूं तो उन्हीं के निर्देश पर यहां आया हूं। उन्होंने मुझे आपकी अमेठी की सेवा के लिए भेजा और मैं उसी जिम्मेदारी को निभा रहा हूं।''
शर्मा ने कहा कि वह जीवन भर अमेठीवासियों के कर्जदार रहेंगे जिन्होंने इस सेवक को अपना सांसद चुना हैं तथा अमेठी के विकास के लिए वह हर समय, हर संभव प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा, '' मैं न तो कभी किसी के बारे में गलत सोचता हूं, न ही किसी से मेरा कोई विवाद है। अमेठी का विकास, अमेठी की सेवा ही मेरा लक्ष्य है।''
गांधी परिवार के अमेठी आने के सवाल पर शर्मा ने कहा,'' राहुल गांधी ने मुझसे खुद कहा कि मुझे अमेठी ले चलो। हम लोग बहुत जल्द यहां एक बड़ा कार्यक्रम करने वाले हैं, जिसमें गांधी परिवार का कोई न कोई सदस्य मौजूद रहेगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने खुद अमेठी आने की इच्छा जाहिर की है।''
केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,''भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीबों मजदूरों के साथ धोखा और अन्याय कर रही है। वह मनरेगा को बंद करना चाहती है, पर कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी।''
उन्होंने कहा,'' मैं जनता को यह बताना चाहता हूं कि (मनरेगा में) जब राज्य सरकार का हिस्सा 10 प्रतिशत था और केंद्र का 90 प्रतिशत था तब तो भुगतान नहीं हो पाता था। और जब राज्य सरकार को 40 प्रतिशत देना होगा तो भुगतान कैसे होगा ।''
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए शर्मा ने कहा कि एक तरफ यह लोग अपने को सनातन का ठेकेदार बताते हैं, संतो की सरकार बताते हैं और दूसरी तरफ प्रयागराज में एक संत का जिस तरीके से अपमान हुआ, एक संत के साथ जिस तरीके का बर्ताव किया गया वह निश्चित ही बहुत निंदनीय है।
