बाराबंकी में दिन में छाया घना अंधेरा: बारिश और आकाशीय बिजली, जनजीवन पर असर

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

बाराबंकी, अमृत विचार। एक दिन पहले उबाऊ मौसम के बाद मंगलवार की सुबह का नजारा अचानक बदल गया। सुबह कोहरे के बाद तेज हवा के बीच अंधेरा पसर गया, वहीं घने बादल काफी देर तक बरसे तो कहीं कहीं ओले भी गिरे। इस बीच हैदरगढ़ क्षेत्र में बिजली गिरने से एक मकान को काफी नुकसान पहुंचा, वहीं बारिश का विपरीत असर आलू व सरसों पर पड़ा है। सोमवार को तापमान तो बढ़ा ही था, साथ ही दोपहर में लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। शाम होने तक सर्दी की वापसी हुई लेकिन असर कम रहा। 

मंगलवार की सुबह लोगों की आंख खुली तो कोहरा छाया हुआ था। इसके बाद करीब दस बजे मौसम ने करवट ली और आसमान पर घने बादल छा गए, अंधेरे ने इस तरह कब्जा किया कि लोगों को घर में लाइट जलानी पड़ गई। कुछ ही पलों में तेज व धूल भरी हवाएं चलीं तो बूंदाबांदी ने बारिश का रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक धीमी तेज रफ्तार में पानी बरसता रहा। शहर में तो नही पर ग्रामीण इलाकों में ओले गिरने की सूचना मिली है। 

हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार कोठी वार्ड में मंगलवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से तीन मंजिला मकान की छत दरक गई, यही नहीं पूरे मकान की बिजली वायरिंग जलकर नष्ट हो गई। सुबह अचानक खराब हुए मौसम के बीच लगभग साढ़े दस बजे आसमान में चमकी बिजली संदीप कुमार के मकान के एक हिस्से पर गिर पड़ी। जिसकी वजह से छत में गहरी दरार आ गई, यही नहीं पूरे मकान की वायरिंग जल गयी। जिस समय आकाशीय बिजली गिरी उसे समय बिजली सप्लाई नहीं आ रही थी। 

किसान की कामना, अब न हो बारिश

मंगलवार को हुई बारिश का विपरीत असर आलू व सरसों पर पड़ा है। तेज बारिश से बालियां व फूल गिरने का नुकसान है। अन्य फसलों पर कोई खास असर नही पड़ता दिखा है। उपकृषि निेदेशक प्रसार डीके सिंह ने बताया कि और बारिश न हो तभी ठीक है। मौसम खुला रहा तो नुकसान का प्रतिशत कम हाे जाएगा। उधर बारिश के बाद धूप निकलने से किसान बेफिक्र तो हुआ लेकिन वह अब बारिश का दौर थमने के पक्ष में है।

ये भी पढ़ें :
भारत-किर्गिस्तान का Joint military exercise, असम में 4-17 फरवरी तक दोनों सैन्यकर्मी करेगें अभ्यास 

संबंधित समाचार