गोवंश को है इनसे खतरा, बचाने के लिए की जा रही ये मांग
बीकानेर। शिकारी कुत्तों का आतंक इतना भयंकर विकराल रुप ले रहा है कि अब न केवल गोवंश बल्कि हिरण, छोटे पशु भी उनका शिकार हो रहे हैं। कई बार तो अकेले घूम रहे लोगों पर भी ये टूट पड़ते हैं। भागीरथ नंदिनी संस्था के अध्यक्ष मिलन गहलोत ने बताया कि समीपवर्ती उपनगर सुजानदेसर-भीनासर शरह नथानिया …
बीकानेर। शिकारी कुत्तों का आतंक इतना भयंकर विकराल रुप ले रहा है कि अब न केवल गोवंश बल्कि हिरण, छोटे पशु भी उनका शिकार हो रहे हैं। कई बार तो अकेले घूम रहे लोगों पर भी ये टूट पड़ते हैं। भागीरथ नंदिनी संस्था के अध्यक्ष मिलन गहलोत ने बताया कि समीपवर्ती उपनगर सुजानदेसर-भीनासर शरह नथानिया गोचर भूमि में गोचर भूमि जो लगभग 40 हजार बीघा है।
वहां बेसहारा गोवंश, अन्य पशुओं के लिए ही है। बारिश के दौरान सूखा चरने के लिए गोवंश पहुंचते है। लेकिन आवारा शिकारी कुत्ते इन गोचर भूमि में पहुंचकर गोवंश, छोटे बछड़े, वृद्ध गौवंश व हिरण का शिकार रोजाना करते हैं। जिसकी जानकारी प्रशासन को भी दी जा चुकी है। लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
संस्था द्वारा तत्कालीन कलेक्टर डॉ. पृथ्वीराज के समय शिकायत पर आवारा कुत्तों को पकड़कर जोधपुर के डॉग हाऊस लेकर गए। लेकिन वहां ज्यादा कुत्ते होने से मना कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यदि संभाग मुख्यालय पर डॉग हाउस बना दिया जाए तो इन सब चीजों का इलाज हो सकता है। डॉग हाउस बनाने से इस शहर की गंदगी पर भी नियंत्रण होगा।
