बरेली: मुख्यमंत्री कह रहे गायों को जूट का कोट पहनाओ, यहां भोजन भी नहीं दे रहे

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अमृत विचार, बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठंड से गायों को बचाने के लिए ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सभी जिलाधिकारियों को गौ आश्रय स्थलों में गायों को जूट का कोट पहनाने और खाने में गुड़ देने के निर्देश दिये हैं। जिला प्रशासन, नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को …

अमृत विचार, बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठंड से गायों को बचाने के लिए ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सभी जिलाधिकारियों को गौ आश्रय स्थलों में गायों को जूट का कोट पहनाने और खाने में गुड़ देने के निर्देश दिये हैं। जिला प्रशासन, नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये गए थे कि सड़क पर एक भी गाय नहीं दिखे। यदि बेसहारा गाय घूम रही है तो गौ आश्रय स्थल में पहुंचाएं लेकिन जिले के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देश हवा में उड़ा दिए। तीन दिन से बरेली शीतलहर की चपेट में है।

रिकॉर्ड तोड़ सर्दी पड़ रही है। इसके बावजूद अधिकारी सड़क पर घूम रहीं गायों को ठंड से बचाने के इंतजाम नहीं कर रहे हैं। बेसहारा गायों को भोजन भी नहीं मिल रहा है। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर में गायें भोजन तलाश रही हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार गायों की सेवा के लिए लाखों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है। 30 रुपये से अधिक प्रति गाय, प्रतिदिन के हिसाब से लाखों रुपये प्रशासन को आवंटित किया जा रहा है। नगर निगम को अलग से बजट मिल रहा है।

नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से गायों की सेवा के लिए बजट जारी हो रहा है लेकिन नगर निगम के क्षेत्र में गायें सड़कों पर ठंड में ठिठुर रही हैं। नगर निगम मिनी बाईपास पर सड़क किनारे कूड़ा डलवा रहा है। इससे दुर्गंध भी उठती है। रविवार को दुर्गंध भरे कूड़े के ढेर में पांच गायें भोजन तलाश रही थीं। यह प्रतिदिन का क्रम है। नगर निगम जहां-जहां सड़कों के किनारे कूड़ा डाल रहा है, वहां दिनभर में गाय भोजन तलाशने पहुंच ही जाती हैं।

अधिकांश गायों के लिए जैकेट दे दी गई हैं। जिले में संरक्षित गायें 3550 हैं। गायें जैकेट को भिगो देती हैं। इस वजह से और जैकेटों की व्यवस्था कराई जा रही है। -डा. ललित कुमार वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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