अल जज़ीरा के पत्रकारों के फोन को स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया :रिपोर्ट

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दुबई। कतर की स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी अल जज़ीरा के दर्जनों पत्रकारों के फोन को एक स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया है। यह हमला संभवतः सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकारों से जुड़ा हो सकता है। साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था ने यह जानकारी दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो की सिटिज़न लैब ने …

दुबई। कतर की स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी अल जज़ीरा के दर्जनों पत्रकारों के फोन को एक स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया है। यह हमला संभवतः सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकारों से जुड़ा हो सकता है। साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था ने यह जानकारी दी है।

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो की सिटिज़न लैब ने रविवार को बताया कि उसने पता लगाया है कि इस स्पाइवेयर से अल जज़ीरा के 36 पत्रकारों, निर्माताओं, एंकरों और अधिकारियों के फोन को संक्रमित किया गया है। यह स्पाइवेयर इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप से संबंधित है जिसकी दमनकारी सरकारों को स्पाइवेयर बेचने के लिए निंदा की जाती है।

जांचकर्ताओं को सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह मिली की मोबाइल को निशाना बनाने के लिए ‘आईमेसेजेल’ को संक्रमित किया गया। इस तरीके में उपयोक्ता की किसी कार्रवाई के बिना भी फोन संक्रमित किया जा सकता है। सिटिजन लैब ने बताया कि सिर्फ नोटिफिकेशन के माध्यस से यह स्पाइवेयर फोन में मौजूद चीजों को एनएससो ग्रुप से जुड़े सर्वर पर अपलोड करता था।

उसने कहा कि पत्रकारों का आईफोन बिना संदिग्ध लिंक या संदेश पर क्लिक किए एक शक्तिशाली टोही उपकरण में तब्दील हो गया। सिटिजन लैब ने बताया कि यह किसी एक संगठन के फोनों को निशाना बनाने का सबसे बड़ा मामला है और यह हैकिंग इज़राइल और यूएई के बीच रिश्तों को सामान्य करने की ट्रंप प्रशासन की घोषणा से कुछ हफ्ते पहले जुलाई में की गई थी।

यूएई, सऊदी अरब और कतर में दुश्मनी है। एप्पल ने बताया कि वह सिटिजन लैब की रिपोर्ट से अवगत है और उसके मोबाइल फोन की संचालन प्रणाली आईओएस 14 इस तरह के हमलों को लेकर नई सुरक्षा देती है। उसने उपयोगकर्ताओं को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए कहा कि एनएसओ औसत आईफोन के मालिक को निशाना नहीं बनाता है बल्कि समिति समूह को निशाना बनाने के लिए सरकारों को अपना सोफ्टवेयर बेचता है।

सिटिजन लैब ने इस हमले को यूएई और सऊदी सरकारों से जोड़ा है, क्योंकि इस तरह के स्पाइवेयर से असंतुष्टों को निशाना बनाने का उनका रिकॉर्ड रहा है। एनएसओ ग्रुप ने सिटिजन लैब के आरोपों पर संदेह जताया है और एक बयान में कहा है कि उसने रिपोर्ट अभी देखी नहीं है लिहाजा वह टिप्पणी नहीं कर पाएगी। कंपनी ने कहा कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संगठित अपराध से निपटने और आतंकवाद प्रतिरोध के लिए अपनी प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराती है।

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