बाराबंकी की बिटिया पर आया जर्मन का दिल, सात समंदर पार से बारात लेकर दुल्हनिया लेने पहुंचा विदेशी दूल्हा, हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी जिले में इन दिनों एक 'विदेशी शादी' स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। जनपद की होनहार बेटी रुलन वर्मा, जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश गई थीं, वहां एक जर्मन युवक के साथ परिणय सूत्र में बंध गई हैं। प्यार की यह कहानी सात समंदर पार जर्मनी से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तक पहुंच गई, जहां दोनों ने भारतीय संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं। इस अनोखे विवाह को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय परंपराओं का जमकर लुत्फ उठाया।
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जानकारी के मुताबिक रेलवे में असिस्टेंट इंजीनियर राज कुमार वर्मा की पुत्री रुलन वर्मा ने फ्रांस से पीएचडी करने के बाद वर्तमान में ऑस्ट्रिया के वियाना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर व वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात जर्मनी के एक युवक से हुई, जो बाद में प्रेम में बदल गई। विवाह के लिए दूल्हा अपने परिवार के 16 सदस्यों के साथ विशेष रूप से भारत पहुंचा।
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बाराबंकी के होटल रॉयल रियलाइट में आयोजित इस समारोह में हल्दी, मेहंदी और जयमाला जैसी सभी रस्में पारंपरिक तरीके से निभाई गईं। इस दौरान विदेशी दूल्हा भारतीय शेरवानी में बेहद आकर्षक लग रहा था और अपनी कार के सनरूफ से निकलकर भारतीय गानों पर थिरकते हुए अपनी खुशी का इजहार कर रहा था।
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दुल्हन के चाचा और कुर्मी नेता आरसी पटेल ने बताया कि यह गौरव की बात है कि बाराबंकी की प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जर्मनी से आए मेहमानों को भारतीय पहनावा, विशेषकर साड़ियां और यहां का खान-पान बेहद पसंद आया। हालांकि उन्हें हिंदी नहीं आती थी, लेकिन भारत के प्रति अपना प्रेम जताते हुए विदेशी मेहमान 'आई लव माई इंडिया' कहते नजर आए। पूरे हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई इस शादी के बाद दुल्हन अपने पति के साथ जर्मनी के लिए विदा हो गई है। विदेशी दूल्हे और भारतीय दुल्हन की यह जोड़ी अब न सिर्फ दो परिवारों, बल्कि दो देशों की संस्कृतियों के मिलन का प्रतीक बन गई है।
