Uttrakhand: मार्च की शुरुआत में ही पारा 30 डिग्री के पास, दोपहर के समय गर्मी का अहसास

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई क्षेत्र में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मार्च के शुरुआती दिनों में ही हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। वहीं फरवरी माह भी पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक गर्म दर्ज किया गया, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मार्च में ही गर्मी की अच्छीखासी शुरुआत हो सकती है।

मौसम विभाग देहरादून के अनुसार के एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स इन द मंथ ऑफ मार्च चार्ट के अनुसार वर्ष 2025 में अब तक मार्च का उच्चतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस (27 मार्च) दर्ज किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री (2 मार्च) रहा।

पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च में तापमान का उतार-चढ़ाव लगातार बना रहा है। वर्ष 2024 में मार्च का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री और 2023 में 32.4 डिग्री रहा। खास बात यह है कि 2017 में मार्च का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो ऑल टाइम रिकॉर्ड के रूप में दर्ज है। वहीं न्यूनतम तापमान का ऑल टाइम रिकॉर्ड 3.4 डिग्री (1989) रहा है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मार्च में कभी तेज गर्मी तो कभी ठंडी हवाओं और बारिश का मिश्रित असर देखने को मिलता रहा है, लेकिन इस बार फरवरी की असामान्य गर्मी और मार्च के शुरुआती दिनों में 30 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान यह संकेत दे रहा है कि तराई में गर्मी जल्द ही रफ्तार पकड़ सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होना जरूरी
हल्द्वानी। यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते और वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में तेज धूप के कारण वायरल संक्रमण, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचाव और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।

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