Uttrakhand: प्रदेश में सड़क हादसे तो घटे, मगर जानिए किस तरह बढ़ी मौतों की रफ्तार !

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य में सड़क हादसे अब केवल ट्रैफिक या परिवहन व्यवस्था की समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बनते जा रहे हैं। खासकर मॉनसून सीजन में पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही दुर्घटनाएं इस बात की गवाही दे रही हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे और जमीनी हकीकत के बीच अब भी बड़ा फासला है। राज्य में 2025 के दौरान कुल 1,846 सड़क हादसे, 1,242 मौतें और 2.056 लोग घायल हुए। जबकि वर्ष 2024 में 1,747 सड़क हादसे, 1,090 मौतें और 1,547 घायल हुए।

बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक चौंकाने वाला विरोधाभास सामने आता है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भले ही मामूली कमी दर्ज की जा रही हो, लेकिन इन हादसों में जान गंवाने वालों और घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यानी हादसे कम हो रहे हैं, लेकिन वे पहले से ज्यादा घातक साबित हो रहे हैं।

परिवहन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के जनवरी से मई के बीच प्रदेश में कुल 684 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 453 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1231 लोग घायल हुए। इसके मुकाबले वर्ष 2024 की इसी अवधि में 701 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 413 लोगों की मौत और 549 लोग घायल हुए थे। साफ है कि दुर्घटनाओं की संख्या में 2.43 फीसदी की कमी जरूर आई, लेकिन मौतों में 9.69 फीसदी और घायलों की संख्या में 124 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली गंभीर दुर्घटनाएं हैं। पहाड़ों में सड़कें संकरी होती हैं, मोड़ खतरनाक होते हैं और जरा सी लापरवाही वाहन को खाई में पहुंचा देती है। यही वजह है कि मैदानी इलाकों की तुलना में पर्वतीय जिलों में कम संख्या में हुई दुर्घटनाएं भी ज्यादा जानलेवा साबित हो रही हैं।

गढ़वाल मंडल के कई जिलों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में कई सौ फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तरकाशी और टिहरी में भी यही ट्रेंड देखने को मिला है। हालांकि देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन घायलों की संख्या वहां भी तेजी से बढ़ी है।

कुमाऊं मंडल में भी तस्वीर कुछ अलग नहीं है। नैनीताल, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में दुर्घटनाओं के साथ-साथ घायलों और मृतकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासतौर पर नैनीताल जिले में घायलों की संख्या में कई गुना उछाल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अगर पिछले वर्षों की बात करें तो हालात और भी साफ हो जाते हैं। वर्ष 2023 में प्रदेश में 1691 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 1054 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2024 में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़कर 1747 हो गई और मृतकों का आंकड़ा 1090 तक पहुंच गया। यानी सड़क हादसों का ग्राफ हर साल जानलेवा रूप लेता जा रहा है।

गढ़वाल मंडल में 2025 (मई तक)

- देहरादून : 182 दुर्घटनाएं, 85 मौतें

- हरिद्वार : 145 दुर्घटनाएं, 104 मौतें

- टिहरी : 22 दुर्घटनाएं, 28 मौतें

- उत्तरकाशी : 9 दुर्घटनाएं, 7 मौतें

कुमाऊं मंडल में 2025 (मई तक)

- नैनीताल : 99 दुर्घटनाएं, 49 मौतें

- उधमसिंह नगर : 151 दुर्घटनाएं, 108 मौतें

- पिथौरागढ़ : 14 दुर्घटनाएं, 13 मौतें

ओवर स्पीड, शराब और रैश ड्राइविंग अहम कारण

हल्द्वानी : अधिकारियों का यह भी कहना है कि हादसों के पीछे सिर्फ सड़क या व्यवस्था ही जिम्मेदार नहीं है। ओवर स्पीड, शराब पीकर वाहन चलाना, रैश ड्राइविंग, तकनीकी खामियां और बारिश या भूस्खलन के दौरान अनावश्यक यात्रा जैसे कारण भी दुर्घटनाओं को जानलेवा बना रहे हैं। परिवहन विभाग का दावा है कि आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में 15 से 20 फीसदी तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन जिस तरह हादसों के साथ मौतों और घायलों का आंकड़ा बढ़ रहा है, उसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मौजूदा प्रयास पर्याप्त हैं, या सड़क सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट
कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म