नई मुसीबत

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Edited By Amrit Vichar
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कई देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल ही रही थी कि ब्रिटेन में इस वायरस की नई म्यूटेटेड यानी उत्परिवर्तित स्ट्रेन बड़ी मुसीबत बनकर आई है। इसको लेकर दुनिया भर में खलबली इसलिए मच गई है क्योंकि यह पहले के वायरस से ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का …

कई देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल ही रही थी कि ब्रिटेन में इस वायरस की नई म्यूटेटेड यानी उत्परिवर्तित स्ट्रेन बड़ी मुसीबत बनकर आई है। इसको लेकर दुनिया भर में खलबली इसलिए मच गई है क्योंकि यह पहले के वायरस से ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वायरस पहले से 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। यही वजह है कि कई देश इसको लेकर अलर्ट हो गए हैं कि यह स्ट्रेन उनकी सरहद में दाखिल न हो सके। इसके लिए फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, डेनमार्क, बुल्गारिया, कनाडा, हांगकांग, तुर्की और कुवैत आदि देशों ने ब्रिटेन ही नहीं, दािक्षण अफ्रीका और डेनमार्क से भी आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत भी इसी कड़ी में अलर्ट हो गया है और यहां भी ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर फिलहाल 23 से 31 दिसंबर तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इस बीच कई देशों से खबरें आई हैं कि वहां उन तक सरहद पार करके नया वायरस पहुंच चुका है। फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, इटली और आस्ट्रेलिया में नए वायरस से संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। भारत में भी पिछले दिनों ब्रिटेन से कुछ लोगों के आने की खबर है। उधर, िब्रटेन में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। बाकी देश भी आपात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में जुट गए हैं।

नए वायरस को लेकर तमाम आशंकाओं के बीच यह सवाल भी उठने लगे हैं कि कई देशों में बनाई जा रही वैक्सीन कारगर होगी या नहीं? डब्ल्यूएचओ पहले से ही यह आशंका जताता आ रहा है कि कोई भी वैक्सीन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कारगर नहीं हो सकती। ऐसे में, नए वायरस के बाद बाकी विशेषज्ञों में भी ऐसी आशंका बनने लगी है। जािहर है कि एक बार फिर से कोरोना से बचाव के उन सारे उपायों पर अमल करने पर जोर दिया जाने लगा है, जो सामान्य हैं।

मसलन, एक-दूसरे से दूरी और मास्क लगाना। कुछ माह पहले अपने देश में कोरोना के मामले जब खूब मिल रहे थे, तब लोगों ने मास्क और आपसी दूरी का पालन किया था लेकिन जैसे ही मामले घटे, अधिकांश लोग बेिफक्र होने लगे। खुद ही सब अनुमान लगाने लगे कि वायरस का प्रकोप कम हो चला है। हालांकि पिछले दो-एक महीने में दिल्ली में संक्रमण के मामले बढ़े तो फिर से बचाव के उपाय अमल में लाने पर जोर दिया जाने लगा। फिर भी लोगों में मजबूत जागरूकता नहीं दिख रही है। अब जब नए रूप में कोरोना वायरस दुनिया में आ धमका है तो हम सबको इसलिए पूर्व से भी अधिक बचाव के उपाय करने चाहिए क्योंकि यह पहले से ज्यादा खतरनाक है।