बढ़े मानदेय से वंचित हो सकते है संविदा कर्मी... पावर कारपोरेशन के MD ने सरकार को भेजा मानदेय न बढ़ाने के लिए पत्र

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Published By Muskan Dixit
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कहा- पावर कारपोरेशन को आउटसोर्स निगम के प्रावधान से रखा जाए बाहर

लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री ने जहां प्रदेश के सरकारी विभागों में संविदा पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय आठ हजार से लेकर दस हजार तक बढ़ाया है, वहीं पावर कारपोरेशन में तैनात करीब 80 हजार आउटसोर्स कर्मी इस लाभ से खाली हाथ रहे सकते हैं। इसके पीछे पावर कारपोशन के प्रबंध निदेशक का सरकार को लिखा वह पत्र है, जिसमें पावर कारपोरेशन को आउटसोर्स निगम से बाहर रखने को कहा गया था।

संविदा पर विभिन्न विभागों मे कार्यरत 

आउटसोर्स कमिर्यों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने के लिए बीते वर्ष दिसंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा निगम बनाने की घोषणा की थी। उसी दौरान कारपोरेशन के एमडी पंकज कुमार ने सरकार के सचिवालय प्रशासन के प्रमुख सचिव को एक पत्र लिखकर कहा था कि विद्युत विभाग में करीब 80 हजार आउटसोर्स कर्मी तैनात हैं। जेम पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाता कंपनियों का चयन प्रदेश भर में फैली 149 वितरण मंडलों द्वारा स्थानीय स्तर पर ही किया जाता है। इसलिए आउटसोर्स सेवा निगम के प्रावधानों से पावर कारपोरेशन को छूट प्रदान की जाए।

कर्मियों के साथ सरासर अन्याय

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि एमडी का सरकार को लिखे पत्र के बाद पावर कारपोरेशन के आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़ा मानदेय मिलना संदिग्ध हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करके विभाग के सभी संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम में शामिल कर बढ़ा हुआ मानदेय देने की मांग की है।

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