गांवों को टीबी मुक्त करने वाले 65 ग्राम प्रधान सम्मानित, World Tuberculosis Day पर मुकेश शर्मा ने दिए स्वर्ण, रजत और कांस्य स्मृति चिह्न

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : अपने गांवों को टीबी मुक्त करने वाले 65 ग्राम प्रधानों काे विश्व क्षय रोग दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित स्वास्थ्य संगोष्ठी में सम्मानित किया गया। इन प्रधानों को मुकेश शर्मा ने स्वर्ण, रजत और कांस्य स्मृति चिह्न प्रदान किए। छह लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड भी दिए गए।

प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे सात दिवसीय आयोजनों के तहत जिला स्वास्थ्य समिति ने कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता कर रहे मुकेश शर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधानों की सक्रियता के कारण ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाएं और अपनी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में योगदान दें।

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन के प्रयासों को निरंतर जारी रखना होगा और इसके लिए सामुदायिक सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने चेताया कि दवाओं का नियमित सेवन न होने पर सामान्य टीबी, एमडीआर-टीबी का रूप ले सकती है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने जनपद की स्वास्थ्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ग्राम प्रधानों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आयुष्मान कार्ड बनवाने और वीएचएनडी सत्रों को सक्रिय बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि जनपद में 15 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक करीब साढ़े आठ लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। केजीएमयू के प्रो. डॉ. राजीव गर्ग ने टीबी की रोकथाम और उपचार पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि डॉ. आरएएस कुशवाहा ने टीबी मुक्त अभियान में ग्राम पंचायतों की भूमिका को अहम बताया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन इसके प्रति जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है।

ये पंचायतें हुईं टीबी से मुक्त

स्वर्ण स्मृति चिन्ह- बीकेटी ब्लॉक की ग्राम पंचायत डिगोई।

रजत स्मृति चिन्ह- बीकेटी ब्लॉक की ग्राम बाहरगांव, कौड़ियामऊ,हरधौरपुर,कपासी, मिसिरपुर, मोहम्मदपुर गढ़ी, पालपुर, पारा, सीवां,सुभान नगर अरिगवां, रजौली, राजपुर सलेमपुर। काकोरी ब्लॉक की जगतपुर, मलिहाबाद ब्लॉक की हतौली,सरोजनी नगर की चार ग्राम पंचायत, पहाड़पुर, तेरवा, बेंती, परवर पूरब।

कांस्य स्मृति चिन्ह- बीकेटी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अस्ती,चक पृथ्वीपुर, चन्दा कोडर, दरियापुर, हनुमंतपुर, जमखनवा, करौंदी, खेसरावन, किशुनपुर, मंडौली, मानपुर लाला, सोनवां, परसऊ। चिनहट ब्लॉक की ग्राम पंचायत धतींगरा, बोरुमऊ,धोबेला, गोसाईंगंज ब्लॉक की भट्टी बरकत नगर और घुर सारा। काकोरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंशी गढ़ी, गहलवारा, कुसुमी और गोहरामऊ। मलिहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत हमिरापुर, मोहम्मदनगर रहमत नगर, भदेसरमऊ ग्राम पंचायत। माल ब्लॉक की ग्राम पंचायत हसनपुर, सरथरा, मोहनलालगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत दहियर, देवती, गोविंदपुर, पारसपुर ठट्ठा, पेरहटा, तमोरिया मदारपुर, बधौना,देधारी, हसनपुर कनेरी, रघुनाथ खेड़ा, रतनपुर ग्राम पंचायत। सरोजनीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शाहमोहम्मदपुर अपैया, अंधपुर देव, खटोला, मेमोरा, गोदौली, लतीफ़नगर और रहीमनगर पढ़ियाना।


स्मृति चिन्ह पाने वाले प्रधानों ने बताया अनुभव


स्वर्ण स्मृति चिन्ह से सम्मानित हुए पंचायत दिगोई बीकेटी के आदर्श कुमार सिंह ने कहा कि मेरे ग्राम पंचायत में वर्ष 2021-22 में टीबी के तीन मरीज मिले थे। जांच के बाद उनका उपचार शुरू कराया गया। सीएचसी बीकेटी टीम को बुलाकर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। संदिग्ध मरीजों की भी जांच कराई गई। कोशिश की गई कि कोई भी मरीज बीच में दवा न छोड़े। तीन साल से गांव में टीबी का कोई भी मरीज नहीं है।

कांस्य स्मृति चिन्ह से सम्मानित हुईं ग्राम पंचायत लतीफ नगर सरोजनी नगर की मालती शुक्ला ने कहा कि शुरुआत में गांव में तीन-चार मरीज थे, सभी का इलाज सुनिश्चित कराया गया। ग्राम पंचायत की बैठकों में ग्रामीणों को टीबी से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम का विशेष सहयोग रहा। अब मेरी पंचायत में एक साल से टीबी का कोई भी रोगी नहीं है।

 

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