UP: तेंदुए के हमले में बच्ची की मौत पर फूटा गुस्सा, सिख संगठन व परिजनों ने किया धरना
सिंगाही, अमृत विचार। तेंदुए के हमले में बुधवार की शाम 7 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भारतीय किसान यूनियन टिकैत, सिख संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता परिजनों और ग्रामीणों के साथ फुटहा फार्म पर तंबू लगाकर धरने पर बैठ गए। वन विभाग और शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होते ही प्रशासन में हलचल मच गई। मौके पर पहुंचे अफसरों ने प्रदर्शनकारियों की पांच मांगों को स्वीकार किया। इस पर लोग शांत हुए। तब जाकर कहीं छह घंटे बाद धरना समाप्त हो सका।
ग्राम पंचायत सिन्हौना के फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की पुत्री सिमरनदीप कौर (7) घर में खेल रही थी। बुधवार की देर शाम तेंदुआ घर में घुस आया और परिजनों की आंखों के सामने ही उसकी गर्दन दबोच ली और उसे खींच ले गया। शोर शराबा होने पर तमाम ग्रामीण और परिजन तेंदुए के पीछे दौड़े। इस पर तेंदुआ उसे घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक खेत में छोड़कर भाग निकला था। घटना के बाद समूचे क्षेत्र में रोष फैल गया। सूचना के करीब तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम के पहुंची तो उसे ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
हालांकि एसडीएम राजी निगम और सीओ शिवम कुमार ने किसी तरह से समझा बुझाकर शांत कराया। नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं दिया। गुरुवार की सुबह होते ही किसान यूनियन, सिथ संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता फुटहा फार्म पहुंच गए। परिजनों के साथ टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात अधिक तनाव पूर्ण देखते हुए निघासन, तिकुनिया, पलिया, मझगईं, पढुआ, धौरहरा समेत कई थानों की पुलिस और पीएचसी को भी मौके पर बुला लिया गया। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन के सामने पांच मांगें रखीं।
इनमें पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुर्तिहा व लट्ठौहा जंगल किनारे झटका तार (फेंसिंग) की फिनिशिंग, घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और भविष्य में यदि आत्मरक्षा में हमलावर जानवर को मार दिया जाए तो किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई न करने की मांग रखी। साथ ही डीएम और डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद एसडीएम निघासन, एसडीओ बेलरायां मनोज तिवारी, बेलरायां रेंजर भूपेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे।
कई चरणों में हुई वार्ता के बाद मौके पर पहुंची डीएफओ कीर्ति चौधरी ने मांगों का निस्तारण करने का आश्वासन दिया। तब जाकर कहीं छह घंटे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ और परिजनों ने शव पुलिस को सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष जयमल सिंह ढिल्लों ने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी डीएफओ कीर्ति चौधरी को सौंपा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस दौरान किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह, जयमल सिंह, जसपास सिंह पल्ला, कुलविंदर सिंह,, नानकमत्ता कमेटी के डायरेक्टर गुरबाज सिंह, पपिंदर सिंह, नवल किशोर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
इन मांगों पर बनी सहमति
5 लाख 24 घंटे में
5 दिन के अंदर बाघ कों पकड़ना
परिजन के घर में एक सरकारी नौकरी
बाउंड्री वाल व आवास
जंगली जानवर के हमला करने पर यदि आत्मरक्षा के लिए कदम उठता है तो उस मुकदमा नहीं लिखा जायेगा।
