अब पर्चा संभालने की झंझट खत्म! सरकारी अस्पतालों में बनेगा स्मार्ट पर्चा, डेटा होगा ऑटोमेटिक सेव
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला के ग्रेटर नोएडा सेक्टर 142 की टेक कंपनी (आई क्यू लाइन) ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए 'स्मार्ट पर्चा' नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली विकसित की है। यह नई तकनीक खासतौर पर सरकारी अस्पतालों के लिए तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य डॉक्टरों और मरीजों दोनों का समय बचाना और इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व आसान बनाना है।
मंगलवार को इस प्रणाली का शुभारंभ किया गया व कम्पनी द्वारा जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत उन्होंने बताया इस इस नई प्रणाली के तहत डॉक्टर जैसे ही मरीज को दवा लिखेंगे, उसी समय मरीज का पूरा डेटा स्वतः डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेव हो जाएगा। इसमें मरीज की बीमारी, जांच, दवाइयां और इलाज से जुड़ी अन्य जानकारी शामिल होगी।
अब तक जहां अस्पतालों में मैनुअल एंट्री और कागजी पर्चों पर निर्भरता रहती थी, वहीं 'स्मार्ट पर्चा' इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना देगा। इस एआई युक्त सिस्टम से डॉक्टरों को बार-बार डेटा एंट्री करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे वे मरीजों को ज्यादा समय दे पाएंगे। वहीं मरीजों को भी अपनी पर्ची खोने या बार-बार जानकारी देने की परेशानी से राहत मिलेगी।
जरूरत पड़ने पर मरीज का रिकॉर्ड तुरंत ऑनलाइन देखा जा सकेगा। सरकारी अस्पतालों में अक्सर लंबी कतारें और रिकॉर्ड संभालने की समस्या देखी जाती है। 'स्मार्ट पर्चा' के लागू होने से रजिस्ट्रेशन और पर्ची बनाने की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और कामकाज अधिक व्यवस्थित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और स्मार्ट बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि इस सिस्टम को बड़े स्तर पर लागू किया जाता है, तो यह पूरे प्रदेश और देश के सरकारी अस्पतालों के लिए एक मॉडल साबित हो सकता है।
आई क्यू लाइन कंपनी आगे इस सिस्टम में और भी फीचर्स जोड़ने की योजना बना रही है, जैसे-ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, रिपोर्ट ट्रैकिंग और मरीज को दवा लेने की रिमाइंडर सुविधा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी और मरीज-केंद्रित बन सकेंगी। 'स्मार्ट पर्चा' जैसी पहल न सिर्फ तकनीकी नवाचार को दर्शाती है, बल्कि यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
