बरेली: कस्तूरबा गांधी अवासीय बालिका विद्यालयों की 34 शिक्षिकाओं की नौकरी खतरे में

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अमृत विचार, बरेली। राज्य परियोजना निदेशालय के नए नियमों और मानकों से जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 34 शिक्षिकाओं की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले के 18 स्कूलों में तैनात इन शिक्षिकाओं की नियुक्ति नए मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए इनकी सेवा समाप्त करने की तैयारी …

अमृत विचार, बरेली। राज्य परियोजना निदेशालय के नए नियमों और मानकों से जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 34 शिक्षिकाओं की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले के 18 स्कूलों में तैनात इन शिक्षिकाओं की नियुक्ति नए मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए इनकी सेवा समाप्त करने की तैयारी चल रही है। फिलहाल इसकी पूरी जानकारी जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य परियोजना निदेशालय को भेजी जा रही है।

बरेली जिले के 18 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में करीब 128 शिक्षक तैनात हैं। इनमें से 112 महिलाएं और 16 पुरुष शिक्षक हैं। इन्हें फुल और पार्ट टाइम नौकरी पर तैनात किया गया था। हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अंग्रजी के लिए फुल टाइम शिक्षिकाओं को तैनात किया गया था जबकि कला, संगीत, शारीरिक शिक्षा आदि के लिए पार्ट टाइम शिक्षक-शिक्षिकाओं को तैनात करना था मगर पूर्व में अधिकारियों ने फुल टाइम और पार्ट टाइम का ध्यान न रखते हुए इन्हें तैनात कर दिया। जिन विषयों के लिए फुल टाइम शिक्षक होना चाहिए उनमें पार्ट टाइम रखे गए हैं।

वहीं, जिसे पार्ट टाइम में होना चाहिए उन्हें फुल टाइम के लिए रखा गया है। इसके अलावा एक ही विषय में दो या दो से अधिक शिक्षक/शिक्षिकाओं की तैनाती कर दी गई है जबकि नियमानुसार प्रत्येक विद्यालय में हर विषय का एक ही शिक्षक होना चाहिए। ऐसे में जब मई में राज्य परियोजना निदेशालय ने बीएसए से कस्तूरबा स्कूलों में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं का ब्योरा मांगा तो पता चला कि जिले के 128 स्कूलों में तैनात करीब 34 शिक्षक ऐसे मिले जो नए मानकों के अनुरूप नौकरी नहीं कर रहे थे। अब ऐसे शिक्षकों को समायोजित या फिर मानकों के अनुरूप नहीं होने पर नौकरी से बाहर करने की तैयारी चल रही है।

शासन से मांगे गए ब्योरे के अनुसार रिपोर्ट तैयार कराकर भेजी जा रही है। शिक्षकों और शिक्षिकाओं को नए मानकों के अनुरूप समायोजित किया जाएगा। जो मानकों के अनुरूप नहीं होंगे उन पर शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार, बीएसए

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