कानपुर में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर। कानपुर पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की अन्य दवाओं के अवैध भंडारण व तस्करी में शामिल एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त अपराध के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपराध शाखा और स्वाट टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम अग्रवाल के रूप में हुई है, जो मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल का पुत्र है। विनोद अग्रवाल पहले से ही इस मामले में जेल में निरुद्ध है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला औषधि निरीक्षक की जांच के दौरान सामने आया था। जांच में पाया गया कि कानपुर के एक फर्म के माध्यम से कोडीन, ट्रामाडोल, टैपेंटाडोल और अल्प्राजोलाम जैसी एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का बड़े पैमाने पर भंडारण और बिक्री की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि फर्म द्वारा कई फर्जी कंपनियों के नाम पर दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। सत्यापन के दौरान कई फर्मों के पते गलत पाए गए या वे अस्तित्व में ही नहीं थीं, जिससे अवैध कारोबार की पुष्टि हुई।

पूछताछ में आरोपी शिवम अग्रवाल ने खुलासा किया कि फर्जी फर्मों के माध्यम से कूट रचित बिल बनाकर कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं की सप्लाई विभिन्न राज्यों में की जाती थी। पुलिस के अनुसार, करीब 14 महीनों में करोड़ों रुपये के कफ सिरप की खरीद-फरोख्त की गई, जिसकी जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पत्रकारों को बताया कि कानपुर में इस मामले में आठ मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें 11 अभियुक्त संलिप्त पाए गए। आज छठी व महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के रूप में शिवम अग्रवाल को पकड़ा गया, जबकि उसके पिता की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। 

प्रारंभिक एफआईआर में 26 लाख बोतलों का उल्लेख था, लेकिन विवेचना में यह संख्या बढ़कर लगभग 1.12 करोड़ बोतलों तक पहुंच गई। उन्होने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्त की दो कंपनियां हैं और उसे बद्दी (हिमाचल प्रदेश) व पानीपत से सप्लाई मिलती थी, जिसमें से लगभग 76 लाख बोतल बद्दी से आईं। अब तक लगभग आठ करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की जा चुकी है, जिसकी सुनवाई ट्रिब्यूनल में चल रही है। शिवम पिछले पांच माह से फरार था, उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और कई राज्यों में लोकेशन ट्रेस होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस कमिश्नर लाल ने बताया कि पुलिस पूछताछ में फर्जी कंपनियों के माध्यम से सप्लाई और अधूरे रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनमें अब तक केवल 10-15 लाख बोतलों का ही सत्यापन हो सका है। अवैध सप्लाई का नेटवर्क बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैला पाया गया है। मामले में आगे पूछताछ एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।  

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