हादसे से खुला साजिश का सच: चंगुल से बचे मासूम मगर निशाने पर था बाप, दो मासूमों और पिता को किया था अगवा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। सीबीगंज के परधौली में सोमवार को हुए हादसे के अगले दिन अब चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बच्चों की शिनाख्त कर ली है। गुरुग्राम के रहने वाले दोनों बच्चों का बदमाशों ने अपहरण किया था। मगर इसके आगे का सच और भी ज्यादा कड़वा है। गिरोह के सदस्य प्रिंस यादव ने पुलिस की पूछताछ में में ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया जिसे जानकर रुह कांप जाएगी। पूरी कहानी अवैध सम्बंधों में उलझी है। हादसे में मारे गए मनमोहन का पिता नत्थू सिंह भी शामिल निकला। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी।

दरअसस सोमवार दोपहर सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास बड़ा बाईपास पर भीषण हादसा पेश आया था। बोलेरो कार सड़क किनारे टैंकर में जा घुसी। कार के अंदर बैठे तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं हादसे के दौरान एक बाइक भी टकरा गई। जिसमें दोनों बाइक सवारों की मौत भी हो गई थी। कुल पांच लोगों को हादसे में जान गवानी पड़ी। मगर हादसाग्रस्त कार से मिले दो बच्चे पुलिस के लिए रहस्य बने थे। अब पता चला कि  दोनों बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी मां पूजा ने चार अप्रैल को दोनों बच्चों की गुमशुदगी डीएलएफ थाने में दर्ज कराई थी। अब पता चला है कि असल निशाना कार से मिले मासूमों का पिता मनोज था। आरोपी बच्चों को वापस गुड़गांव छोड़ने जा रहे थे। वापस आकर मनोज की हत्या का प्लान था। 

दरअसल पुलिस ने प्रिंस से पूछताछ के बाद फरीदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले नत्थू गिरफ्तार किया है। जिसके बाद फरीदपुर स्थित उसके घर में बंधक बनाकर रखे गए घायल बच्चों लक्ष्य और कुनाल के पिता मनोज को मुक्त कराया गया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मनमोहन और उसके साथी रामपुर जिले का रहने वाला विशेष यादव, पीलीभीत का सिंकदर गुड़गांव के डीएलएफ थाना क्षेत्र से 4 अप्रैल को मनोज व उसके दोनों बच्चों को अगवा कर बरेली लाए थे। 

अस्पताल में भर्ती मनमोहन के साथी कार ड्राइवर प्रिंस ने पूछताछ में बताया कि अगवा मनोज की बहन संगीता कई साल से मनमोहन के पिता नत्थू के साथ रह रही है। मनमोहन और उसका पिता नत्थू पहले से ही मनोज के परिवार के संपर्क में रहे हैं। एक ओर जहां नत्थू अपने घर पर मनोज की बहन संगीता को रख रहा था, तो दूसरी ओर उसके बेटे मनमोहन ने संगीता की बहन की बेटी को भी अपने पास बुला लिया था।

मनोज इसका विरोध कर रहा था, उसे रास्ते का कांटा मानकर मनमोहन और उसके पिता नत्थू ने साथियों के साथ मिलकर मनोज की हत्या की योजना बनाई। मनोज को घर में बंधक बनाने के बाद मनमोहन साथियों के साथ बच्चों को छोड़ने गुड़गांव जा रहा था। लेकिन बड़ा बाईपास पर थाना सीबीगंज क्षेत्र में परधौली गांव के पास तेज रफ्तार बोलेरो बाइक को रौंदती हुई खड़े टैंकर से टकरा गई। हादसे में पांच लोग मारे गए, जिनमें अपराधी मनमोहन, उसके साथी विशेष यादव व सिकंदर के अलावा दो अन्य लोग शामिल थे।

संबंधित समाचार