गोरखपुर का कुसम्ही जंगल बनेगा इको-टूरिज्म हब, 4.84 करोड़ की परियोजना, पहली किस्त के 50 लाख रुपये जारी

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ/गोरखपुर,अमृत विचार। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर के कुसम्ही जंगल को आधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 4.84 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, जिससे निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कुसम्ही जंगल में विकसित होने वाला इको पार्क न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। प्रस्तावित इको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 

इनमें स्विस कॉटेज, ट्री हाउस, योग केंद्र, इंटरप्रिटेशन सेंटर और आधुनिक कैफेटेरिया शामिल हैं। इसके अलावा बायो टॉयलेट,सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग, सुरक्षा फेंसिंग और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। गोरखपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित कुसम्ही जंगल, कुशीनगर मार्ग पर पड़ता है। इसकी नजदीकी रामगढ़ ताल, गोरखपुर एयरपोर्ट और बौद्ध स्थलों से इसे और महत्वपूर्ण बनाती है। 

बेहतर कनेक्टिविटी और लगातार बढ़ते आवागमन के चलते यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहा है। बिहार सहित अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी यहां आकर्षित होंगे। पर्यटन विभाग के अनुसार,प्रदेश में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य उप्र. को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।

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