Rampur : 9 साल बाद मिला छह बहनों का इकलौता भाई
चेहरा बदला दिखा, निशान और चाल से कर ली पहचान
सैफनी, अमृत विचार। कहते हैं कि अगर दुआओं में दम हो और आंखों में उम्मीद तो बिछड़े हुए लोग मुकद्दर से मिल ही जाते हैं। 9 साल पहले घर से लापता हुए मंदबुद्धि युवक विकास के घर लौटने की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। छह बहनों के इकलौते भाई की घर वापसी ने परिवार की खुशियां लौटा दी हैं।
नगर के जाटवान मोहल्ला निवासी मंदबुद्धि विकास के पिता ऑपरेटर प्रेमदास ने बताया कि विकास 33 वर्ष की आयु में 9 वर्ष पूर्व 17 मार्च 2017 शुक्रवार सुबह 10 बजे के समय नगर के भूड़ा गेट के पास से अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी और काफी खोजबीन की थी। लेकिन लंबे समय तक भी जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका मानकर उसकी तलाश धीमी कर दी थी। जैसे-जैसे साल बीतते गए, पिता की उम्मीदें धुंधली पड़ती गईं। लेकिन उसकी बहनों को उसके वापस लौटने की उम्मीद हमेशा बनी रही बहनों की आंखें सड़क से गुजरने वाले युवकों के बीच अपने भाई को तलाश करती रहती थीं। बहन प्रियंका ने बताया कि मुरादाबाद में लावारिस घूमता हुआ दिखा विकास, मंदबुद्धि विकास की बहन प्रियंका ने बताया कि वह पाकबाड़ा के डेंटल कॉलेज में नौकरी करती है।8 मार्च को उनका भाई मुरादाबाद में लावारिस हालत में घूमता हुआ दिखाई दिया। चेहरा काफी बदल चुका था और आगे के दांत भी टूटे हुए होने से पहचानना लगभग नामुमकिन था। उन्होंने पुलिस व अपने पिता को फोन किया और लोगों की मदद से उसके शरीर के चोटों के निशान और उसके चाल चलन से उसे पहचान लिया। जिसके बाद विकास जब परिजनों के सामने आया, तो एक बार को सब असमंजस में थे भाई वर्षों बाद देख कर बहनें फूट-फूट कर रो पड़ीं। रिश्तेदार और आसपास के लोग करीब एक दशक बाद मिले विकास को देखने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं और सब प्यार से उसे निहार रहे हैं।
