स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, नहीं कटेगी बिजली... तकनीकी जांच तक पुराने मीटर बदलने पर रोक

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Published By Muskan Dixit
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एसएमएस अलर्ट और 45 दिन कनेक्शन न काटने का फैसला

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट/प्रीपेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शक्ति भवन, लखनऊ में अधिकारियों के साथ रविवार को समीक्षा बैठक के बाद यह निर्देश जारी किए।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बैलेंस शून्य होने पर भी अधिकतम तीन दिन तक या दो किलोवाट भार तक 200 रुपये के नेगेटिव बैलेंस की सीमा तक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। साथ ही हाल में लगे मीटरों के लिए 15 दिन की कन्वर्जन अवधि और उसके बाद 30 दिन यानी कुल 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो 10 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।

उपभोक्ताओं को समय रहते जानकारी देने के लिए पांच स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत बैलेंस 30% होने पर पहला, 10% पर दूसरा, बैलेंस खत्म होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पहले चौथा और कटने के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। साथ ही बिल भुगतान के बाद तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 24×7 व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर 1912, आधिकारिक वेबसाइट और व्हाट्सएप चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर से जुड़ी जानकारी के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत

3 दिन तक या ₹200 नेगेटिव बैलेंस तक बिजली जारी

नए मीटर पर 45 दिन तक कनेक्शन नहीं कटेगा

स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया फिलहाल रोकी गई

5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट सिस्टम लागू

रविवार/अवकाश में बिजली नहीं कटेगी

शिकायत के लिए 1912 सहित कई विकल्प

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