Bareilly: लाल निशानों ने उड़ाई नींद, दोबारा होगी पैमाइश, निगम में घंटों चला मंथन
बरेली,अमृत विचार। कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड पर बीडीए कॉलोनी पर लगे लाल निशानों ने खलबली मचाई थी, उसको लेकर बुधवार को नगर निगम में अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की अगुवाई में प्रशासन, बीडीए और राजस्व विभाग की बैठक हुई। इस बैठक का एकमात्र एजेंडा उन निशानों की हकीकत जानना और डरे हुए लोगों के भ्रम को दूर करना था। करीब दो घंटे की बैठक के बाद पैमाइश दाेबारा से करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने प्राधिकरण का पक्ष साफ किया। उन्होंने रिकॉर्ड खंगालते हुए दावा किया कि बीडीए ने पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत भूमि अधिग्रहित करके ही यह कॉलोनी बसाई थी और इसके नक्शे भी नियम के अनुसार पास किए गए थे। हालांकि, नगर निगम और तहसील के पुराने रिकॉर्ड्स के साथ जब बीडीए के नक्शों का मिलान किया गया, तो कुछ तकनीकी पेच फंसे दिखे। इस पर निर्णय लिया गया कि संयुक्त टीम दोबारा मुआयना करेगी और पैमाइश कराई जाएगी। एक-दो दिन में लाल निशान वाले मार्गों की पैमाइश शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि पैमाइश के लिए अब संयुक्त टीम गठित की गई है, जो तहसील और नगर निगम के अमले के साथ मौके पर जाकर वास्तविकता की जांच करेगी। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा, बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार, नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी, सहायक अभियंता मुकेश शाक्य , नायब तहसीलदार विदित कुमार समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
386 अतिक्रमण चिह्रित कर जारी किए गए नोटिस
नगर निगम ने कोहाड़ापीर से कुदेशिया फाटक तक 386 अतिक्रमण चिह्रित कर नोटिस जारी किए । कई लोगों ने भवन का नक्शा बीडीए से स्वीकृत होने और अतिक्रमण की श्रेणी में आने पर सवाल उठाया था। शिकायतों के बाद अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय ने बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव को पत्र लिखा था कि कोहाड़ापीर में सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चिह्रित अतिक्रमण को कई लोगों की ओर से बीडीए से स्वीकृति बताया जा रहा है। आरोप था कि निगम 1920 के पुराने नक्शे को आधार बनाकर कार्रवाई कर रहा है। मामले को लेकर कुछ लोग हाईकोर्ट की शरण में भी पहुंचे जहां से उनको फौरी राहत मिली है।
