फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता खत्म : सरकारी केंद्रों की तरफ बढ़ा किसानों का रुझान, एक दिन में पांच हजार क्विंटल गेहूं खरीद

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता खत्म होने से सन्नाटे में चल रहे क्रय केंद्रों पर आवक बढ़ गई है। 23 अप्रैल को केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों में होड़ मची रही। एक दिन में सभी 43 केंद्रों पर पहुंचे किसानों ने करीब पांच हजार क्विंटल गेहूं बेचा। इससे जिले की कुल खरीद बढ़कर 15,599 क्विंटल से अधिक हो गई। वहीं, 23 अप्रैल 2025 को 10,726 क्विंटल गेहूं खरीद हुई थी। पिछले वर्ष की तुलना में एक दिन में करीब पांच हजार क्विंटल बढ़ोतरी दर्ज की गई।

शुक्रवार को भी केंद्रों पर आवक हुई और किसानों से गेहूं खरीदा गया। अब तक कुल 408 किसानों ने गेहूं बेचा है। सभी को 33.73 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। हालांकि अभी जिलों को खरीद का लक्ष्य आवंटित नहीं हुआ है। फिर भी विभागीय अधिकारी किसानों में रुचि और आवक को देखते हुए 15 जून तक लक्ष्य पूर्ति का दावा कर रहे हैं। 

दरअसल, कई पात्र किसानों की तकनीकी समस्या के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पाई है और केंद्रों पर अनिवार्यता की वजह से गेहूं नहीं बेच पा रहे थे। इससे केंद्रों पर शुरुआती दौर में ही खरीद ठप हो गई। पात्र होते हुए भी किसान वंचित रहे। अब ज्यादातर किसान पंजीयन कराने के साथ केंद्रों पर गेहूं बेचने लगे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने विपुल सिन्हा ने बताया कि पंजीयन में भी वृद्धि हुई है। 2481 किसानों ने पंजीयन कराया है।

1 मई से फिर एसडीएम और लेखपाल करेंगे सत्यापन

1 मई से उपज के सत्यापन की पुरानी व्यवस्था लागू हो जाएगी। किसानों को बिक्री के लिए एसडीएम और लेखपाल से उपज का सत्यापन कराना पड़ेगा। जो इस बार सत्यापन का कार्य नई व्यवस्था के तहत केंद्र प्रभारियों को दिया गया था। 30 अप्रैल तक केंद्र प्रभारी ही सत्यापन करेंगे। तब तक एसडीएम व लेखपाल के पोर्टल अपडेट करके सक्रिय कर दिया जाएगा।

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