आजमगढ़ में ड्रग तस्कर विकास सिंह की अवैध संपत्ति कुर्क, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर ड्रग तस्कर की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर दिया। जिलाधिकारी के आदेश पर साइबर क्राइम पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध धंधे से जुड़े आरोपी विकास सिंह उर्फ "नरवे" के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी करीब 50.9 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति जब्त की है।
इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई जांच के दौरान थाना दीदारगंज में दर्ज मुकदमे की विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने नशीले कफ सिरप की तस्करी से भारी संपत्ति अर्जित की थी। जांच में यह भी पाया गया कि विकास सिंह ने अपने पैतृक गांव में करीब 27.25 लाख रुपये की लागत से मकान बनवाया था, जबकि लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित 'शालीमार वन वर्ल्ड' परियोजना में एक फ्लैट के लिए 23.64 लाख रुपये अग्रिम जमा किए थे।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी की संपत्तियों के विरुद्ध फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किया गया था। इसके बाद ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए सक्षम प्राधिकारी (नई दिल्ली) ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश पारित किया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के खिलाफ जौनपुर और वाराणसी सहित विभिन्न जनपदों में धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं।
इस कार्रवाई को साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि अपराधियों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
