Uttrakhand: सिलेंडर खत्म हुआ तो लकड़ी बीनने जंगल गई वृद्धा को हाथी ने मारा
पंतनगर/हल्द्वानी। रसोई गैस सिलेंडर खत्म होने पर खाना पकाने के लिए जंगल से लकड़ी बीनने गई वृद्धा को हाथी ने सूंड से पटक कर मार डाला। साथ गईं महिलाओं ने किसी तरह जान बचाई। बीते 48 घंटों में हाथी के हमले में किसी की जान जाने की तीसरी घटना है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और गश्त तेज कर दी है।
जीबी पंत विश्वविद्यालय परिसर से सटी झा कॉलोनी निवासी मैना देवी के घर में दो दिन पूर्व सिलेंडर खत्म हो गया था। ऐसे में खाना पकाने के लिए दिक्कतें हो रही थीं। शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा का सार्वजनिक अवकाश था। इस पर आसपास की महिलाओं की सलाह पर ईंधन का विकल्प जलौनी लकड़ी बीनने के लिए वह शुक्रवार दोपहर को गंगापुर पटिया ब्लॉक के जंगल में चली गईं। साथ ही में झा कॉलोनी की ही दो अन्य महिलाएं भी थीं। बताया जा रहा है कि जंगल में लकड़ी बीनने के दौरान अचानक टस्कर हाथी आ गया।
हाथी के आते ही अन्य महिलाएं तो भाग गईं लेकिन वह वृद्ध होने की वजह से नहीं भाग सकी और गिर गई। इस बीच हाथी आ गया और सूंड में लपेट कर जमीन पर पटका और मार डाला। घटना के बाद जंगल से भागी महिलाएं झा कॉलोनी पहुंचीं और लोगों को पूरी बात बताई। इसके बाद कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा भी है। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए और वन विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
10 हजार की फौरी राहत, मिलेगा पूरा मुआवजा
टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि घटना शुक्रवार दोपहर एक बजे की है। सूचना पर वह और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया कि वन विभाग की ओर से अंतिम संस्कार के लिए पीड़ित परिवार को फौरी तौर पर 10 हजार रूपये की नकद धनराशि दी गई है, जल्द ही मुआवजे की रकम दी जाएगी।
इंद्रा कॉलोनी में पिंजड़े में फंसा तेंदुआ
भीमताल : शहर से सटे रानीबाग इलाके के इंद्रा कॉलोनी में एक तेंदुआ पिंजड़े में फंस गया। वन विभाग ने तेंदुए को रानीबागर रेस्क्यू सेंटर भेजा है। रानीबाग इलाके में लंबे समय से तेंदुए की आवाजाही हो रही थी। अभी दो दिन पूर्व भी एक तेंदुआ छत पर चढ़कर भुवन मनराल के कुत्ते को शिकार बना लिया था। यह घटना घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। इसके अलावा भी कैमरों में तेंदुए की आवाजाही दिखती थी जिसके बाद वन विभाग ने पिंजड़ा लगाया था। शुक्रवार की सुबह स्थानीय लोगों ने तेंदुए की दहाड़ सुनी तो उन्होंने देखा कि तेंदुआ पिंजड़े में फंस गया है। इस पर उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। स्थानीयों की सूचना पर वन टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा। तेंदुए के पकड़ने से जाने से वन विभाग व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। एसडीओ ममता चंद ने का कि बेशक तेंदुआ पकड़ा गया है लेकिन अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से रात में घरों के बाहर की लाइट जलाने, झाड़ियां काटने और अंधेरा में जरूरी होने ही निकलने की बात की है।
