अखिलेश यादव का आरोप- मुझे प्रसाद खिलाने वाले कर्मचारी को भाजपा के इशारे पर किया गया पदावनत
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिछले महीने आंबेडकर जयंती पर हुए एक भंडारे में उन्हें प्रसाद देने वाले एक कर्मचारी को पदावनत कर सफाई कर्मी बनाये जाने को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर की गयी कार्रवाई करार देते हुए इस कदम की निंदा की।
यहां सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता के दौरान आई अंजलि मैसी नाम की महिला ने दावा किया कि उसके पिता उमेश कुमार छावनी बोर्ड में सुपरवाइजर थे और उन्होंने पिछले महीने 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर एक भंडारे के दौरान सपा प्रमुख को प्रसाद दिया था। अंजलि ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके पिता को पदावनत कर सुपरवाइजर से सफाई कर्मी के पद पर तैनात कर दिया गया।
अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि कर्मचारी के खिलाफ की गयी यह कार्रवाई 'दुर्भाग्यपूर्ण' है। उन्होंने कहा कि वह गुरुद्वारे गए थे और एक 'भंडारे' में शामिल हुए लेकिन उससे पहले वह उस महिला को नहीं जानते थे। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कर्मचारी को पदावनत करने की कार्रवाई भाजपा के लोगों के इशारे पर की गयी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। अंजलि मैसी ने कहा कि वह इस संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की गलत हरकतों को उजागर करने आई हैं। छावनी बोर्ड के कर्मचारी उमेश कुमार ने 14 अप्रैल को 'भंडारे' का आयोजन किया था और वरिष्ठ अधिकारियों को निमंत्रण भेजे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा करके कुमार ने सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह कार्रवाई इसलिए नहीं की गई कि उमेश ने अखिलेश यादव को प्रसाद दिया था बल्कि इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने बोर्ड को बिना जानकारी दिए सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को निमंत्रण पत्र भेजकर सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया था।"
