UP: बंगाल चुनाव पर बोले नकवी...मुखर्जी की जन्मस्थली पर सुशासन का ध्वज फहराना बड़ी उपलब्धि

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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रामपुर, अमृत विचार। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली रवाना होने से पूर्व शंकरपुर स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और संगठन के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बोले कि जब से भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ है तब से वह एक ही नारा लगाती थी "जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है" और उसके बाद धारा 370 खत्म हुई और कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया।

उन्होंने कहा कि उससे पहले भी कश्मीर भारत का हिस्सा था, लेकिन आधा अधूरा था। और उसके बाद हम लोगों का संकल्प था कि जहां पश्चिम बंगाल में मुखर्जी साहब का जन्म हुआ, वहां भारतीय जनता पार्टी का ध्वज फहराएं, सुशासन का ध्वज फहराएं। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। भाजपा की समावेशी और साथ ही साथ सकारात्मक पंथनिरपेक्षता का यह संकल्प है। समावेशी सशक्तिकरण की जो सोच है उसका नतीजा है। नकवी ने कहा कि चुनाव में "रपटने पर रोना और निबटने पर धोना" इनका जो रिवाज और मिजाज है वह इनको और धराशाही कर रहा है। जब चुनाव आएगा, तब चुनाव के परिणाम से पहले यह लोग भूमिका बनाने लगेंगे कि वोट चोरी हो जाएगा, चुनाव में गड़बड़ झाला हो गया है, चुनाव जनता का जनादेश नहीं है, बल्कि शुद्ध रूप से गड़बड़ झाला है। 

इन सब चीजों से फायदा होने वाला नहीं है, जो लोग यह काम कर रहे हैं उनको भी इसका एहसास है कि यह जो चांडाल चौकड़ी है वह यह समझ चुकी है। आने वाले जितने भी इलेक्शन होंगे यह चांडाल चौकड़ी चारों खाने चित होगी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम कोई धार्मिक गीत नहीं है, यह राष्ट्रवाद के संकल्प और राष्ट्रवाद के जुनून और जज्बे के ओत प्रोत है। इसी वंदे मातरम को गाते हुए हमारे आजादी के नायको ने, उसमें सभी वर्गों के लोग थे। उसमें हिंदू भी थे, मुसलमान भी थे, सिख भी थे, ईसाई भी थे। वह फांसी पर चढ़े और लोग कहते हैं कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। तो मुझे लगता है कि कुछ लोग इस तरह का काल्पनिक कन्फ्यूजन और कम्युनल कंफ्यूजन क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं जो कि ठीक नहीं है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार, सुभाष भटनागर, टेकचंद गंगवार, खलील अहमद, पंकज लोधी, ओमप्रकाश लोधी, सोनू लोधी, मुन्नी देवी गंगवार, ओम प्रकाश सैनी, मनोज मौर्य, धर्मपाल गंगवार आदि उपस्थित रहे।

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