कानपुर के उर्सला अस्पताल में DM के औचक निरीक्षण से हड़कंप, डॉक्टरों की गैरमौजूदगी पर कार्रवाई के निर्देश

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Published By Anjali Singh
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कानपुर। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार सुबह उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 22 डाक्टरों समेत 32 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी में अनुपस्थित मिले जबकि दो दलालों को मरीजों को गुमराह करते पकड़ा गया। जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित डाक्टरों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये हैं और भविष्य में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस पकड़े गये दलालों से पूछताछ कर रही है। 

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपर जिलाधिकारी डा राजेश कुमार के साथ उर्सला अस्पताल में छापा मारा और वहां व्याप्त अनिमयितिताओं को देख कर हैरानगी जतायी। अस्पताल में ज्यादातर डाक्टर अपनी सीट पर नहीं मिले जबकि दो संदिग्ध दलाल गरीब मरीजों को गुमराह करते पकड़े गये।

सिंह ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से नाराजगी जतायी और सभी अनुपस्थित डाक्टरों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि अस्पताल में शहर और दूरदराज के गरीब मरीज अच्छे इलाज की आस में आते हैं। 

डाक्टरों और कर्मचारियों का रवैया ठीक नहीं है और इसे तत्काल दुरुस्त करने की जरुरत है। उन्होने कहा कि अस्पताल के डाक्टर किसी भी दशा में बाहरी दवा को पर्चे पर न लिखें और सभी दवाइयां अस्पताल में ही उपलब्ध करायी जायें। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि डीएम के निरीक्षक के दौरान नर्वल तहसील के ग्राम महोली निवासी विवेक तिवारी तथा चमनगंज निवासी हैदर अली मरीजों को गुमराह करते पकड़े गये जिनसें पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी है। 

अनुपस्थित डॉक्टरों में डॉ राजकुमार सिंह, डॉ आरके अग्रवाल, डॉ महेश कुमार, डॉ प्रीती मेहता, डॉ विजय कुमार सिंह, डॉ राहुल वर्मा, डॉ आशीष कुमार, डॉ अशोक कुमार, डॉ अरुण प्रकाश, डॉ आरसी यादव, डॉ बी सी पॉल, डॉ राजकिशोर, डॉ एके कनौजिया, डॉ बृजेंद्र कुमार शुक्ला, डॉ सूरज शिवहरे, डॉ अल्तमस खान, डॉ अवधेश कुमार, डॉ अपूर्व गुप्ता, डॉ गीता पोरवाल, बीके सिंह, आरपी गुप्ता, अरुणेश सिंह, पैरामेडिकल स्टाफ दयाशंकर, नीलू, अमित सोनकर, रजनीश शामिल हैं। उर्सला के निदेशक डॉ बी पॉल खुद मौके पर मौजूद नहीं थे। वे भी डीएम के पहुंचने के आधे घण्टे बाद आये। उपस्थिति पंजिका में ओपीडी में तैनात सर्जन डॉ प्रशांत मिश्रा का हस्ताक्षर मिला, लेकिन, ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले। डीएम ने हस्ताक्षर की जांच करने के भी निर्देश दिए।

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