Kanpur Digital Arrest : डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर की पनकी थाना पुलिस और साइबर सेल के संयुक्त अभियान में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देश भर में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम कासिम आबिदी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि पनकी पुलिस एवं पश्चिम जोन साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट गिरोह से जुड़े दो अभियुक्तों जगदीशचंद्र गुप्ता एवं रोहित भसीन को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान पता चला कि अभियुक्त साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर चिन्हित किए गए संदिग्ध खातों का उपयोग कर डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से लोगों को डराकर करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। जांच में सामने आया कि जगदीशचंद्र गुप्ता के नाम पर "बालाजी फाउंडेशन" के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में संचालित खाते में लगभग 10 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जिसमें एक ही ट्रांजैक्शन में 3.25 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि रोहित भसीन उसका सहयोगी है तथा नोएडा स्थित आईसीआईसीआई बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी एवं म्यूल खाते खुलवाए जाते थे। उन्होने बताया कि संबंधित बैंक कर्मचारी मुकुल वर्मा एवं धीरज, जो शाखा प्रबंधक एवं डिप्टी शाखा प्रबंधक थे, को पूर्व में गुजरात पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों द्वारा 16 मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर अलग-अलग भाषाओं में लोगों को कॉल कर डिजिटल अरेस्ट किया जाता था।
जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि गिरोह का नेटवर्क अखिल भारतीय स्तर पर सक्रिय था तथा आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु सहित आठ राज्यों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। गिरोह बैंक खातों की ट्रांजैक्शन लिमिट बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से बढ़वाकर बड़ी रकम का तत्काल आरटीजीएस एवं नेफ्ट के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर करता था।
अभियुक्त जगदीशचंद्र गुप्ता पूर्व में बिजली चोरी के मामले में तथा रोहित भसीन विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों में वांछित रहा है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा के लिये भेजा गया है तथा इनके अन्य सहयोगियों एवं नेटवर्क की जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
