गांवों में सजी संस्कृति और पर्यटन की जीवंत तस्वीर, ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान ने दी ग्रामीण पर्यटन को नई उड़ान

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : विश्व कृषि पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों ने गांवों की संस्कृति, कृषि परंपराओं, लोक कला और ग्रामीण जीवनशैली को पर्यटन के नए आयाम से जोड़ने का काम किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण का मजबूत माध्यम बना रही है। उन्होंने कहा कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान लोगों को अपने ही राज्य की विविधता और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

234 ग्रामीण पर्यटन ग्रामों से बदल रही गांवों की तस्वीर

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश में अब तक 234 ग्रामीण पर्यटन ग्राम विकसित किए जा चुके हैं। इनमें प्रयागराज का श्रृंगवेरपुर, मथुरा का जैत, बाराबंकी का कठुआ धाम, सीतापुर का ठाकुर नगर और पीलीभीत का सेहला प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार लोगों को विदेशों के बजाय अपने राज्य के पर्यटन स्थलों को देखने, समझने और अनुभव करने के लिए प्रेरित कर रही है।

गांव-गांव में उत्सव का माहौल

विश्व कृषि पर्यटन दिवस पर प्रयागराज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, लखनऊ, कन्नौज, महोबा, चित्रकूट, बस्ती, शामली, मथुरा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, सिद्धार्थनगर और इटावा सहित कई जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों में शामिल रहे

-ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी
-स्थानीय हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों का प्रदर्शन
-ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं
-फोटोग्राफी एवं निबंध प्रतियोगिताएं
-पौधरोपण अभियान
-लोकनृत्य और लोकनाट्य प्रस्तुतियां
-टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ संवाद सत्र

ओडीओपी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के तहत स्थानीय उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कृषि आधारित वस्तुएं और पारंपरिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। इससे स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के विपणन का अवसर मिला।

चित्रकूट से लखनऊ तक लोक संस्कृति की छटा

लखनऊ में हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान खींचा। चित्रकूट में बुंदेली लोकनृत्य और लोकनाट्य प्रस्तुतियों ने ग्रामीण संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई। शामली में ग्रामीण खेल, सहारनपुर में पौधरोपण और हमीरपुर में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।

बस्ती और संत कबीर नगर में जागरूकता शिविरों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर जानकारी दी गई। प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर स्थित “सत्यम शिवम सुंदरम एग्री-टूरिज्म प्रॉपर्टी” में ध्यान सत्र, चूड़ी निर्माण, हस्तशिल्प प्रदर्शन और ग्रामीण जीवनशैली आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। कन्नौज की एस. विराज एग्री टूरिज्म प्रॉपर्टी में हितधारक परामर्श सत्र आयोजित हुआ, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में कृषि पर्यटन की भूमिका पर चर्चा हुई।

बाराबंकी के ‘मधुमक्खी वाला’ केंद्र पर बच्चों का शैक्षिक भ्रमण

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड ने संयुक्त रूप से लखनऊ के राष्ट्रीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज, देवा रोड (मटियारी) के विद्यार्थियों को बाराबंकी के रजौली स्थित “मधुमक्खी वाला” केंद्र का भ्रमण कराया। यहां बच्चों ने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने शहद की शुद्धता पहचानने और मधुमक्खियों के जीवन चक्र के बारे में विस्तार से बताया।

नंदगांव फार्म स्टे ने विदेशी छात्रों को किया आकर्षित

नॉर्वे की राजधानी ओसलो से आए विद्यार्थियों के एक दल ने मथुरा स्थित नंदगांव फार्म स्टे का भ्रमण किया। छात्रों ने गांव की पारंपरिक जीवनशैली, कृषि गतिविधियों और ग्रामीण आतिथ्य का अनुभव लिया। भारतीय गांवों की संस्कृति और लोक परंपराओं से परिचित होकर वे काफी प्रभावित नजर आए।

ग्रामीण पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार और महिलाओं की भागीदारी

उप्र. पर्यटन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आजीविका को बढ़ावा देना है। होम स्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और कृषि गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है।

‘विजिट माई स्टेट’ देगा ग्रामीण पर्यटन को नई उड़ान

विश्व कृषि पर्यटन दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश के गांव केवल कृषि उत्पादन के केंद्र नहीं हैं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आत्मीय आतिथ्य के अद्भुत केंद्र भी हैं। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को व्यापक पहचान मिलेगी और प्रदेश के गांव विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
जयवीर सिंह, पर्यटन मंत्री

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