36 करोड़ से बदलेगी भरतकुंड की तस्वीर, अयोध्या विकास प्राधिकरण करेगा व्यापक डेवलपमेंट, विकास की लिस्ट में ये सब शामिल
अयोध्या, अमृत विचार: अयोध्या विकास प्राधिकरण भरत कुंड का भव्य और व्यापक विकास करने जा रहा है। लगभग 36 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेज दी गई है, जिसके स्वीकृत होते ही कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि भरत कुंड को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भरत कुंड रामायण काल से जुड़ा पावन स्थल है। यहां भगवान राम के अनुज भरत जी का संबंध है। इस स्थल को उसकी गरिमा के अनुरूप विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। अयोध्या के दक्षिण में, प्रयागराज मार्ग के किनारे, भरत कुंड है, जिसे नंदीग्राम के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान रामायण महाकाव्य के साथ अपने दोहरे जुड़ाव के लिए महत्व रखता है। भरत कुंड में मंदिरों और घाटों का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। घाटों को पत्थरों से सुसज्जित किया जाएगा, पाथवे लाइटिंग से पूरा क्षेत्र जगमगाएगा। आधुनिक सुविधाओं के तहत एम्पीथियेटर का निर्माण, सार्वजनिक शौचालय, हार्टिकल्चर (बागवानी) का कार्य और गजेबो (छत्रियां) बनाए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए वॉकवे, बैठने की व्यवस्था, ड्रिंकिंग वॉटर पॉइंट्स और पर्याप्त पार्किंग की भी व्यवस्था प्रस्तावित है।
आधुनिक सुविधाओं का होगा विकास
इस परियोजना से भरत कुंड की पूरी तस्वीर बदल जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक लंबे समय तक यहां रुक सकें। मंदिर परिसरों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के साथ ही हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। रात में लाइटिंग से पूरा कुंड क्षेत्र आध्यात्मिक आभा से जगमगाएगा।
नया स्वरूप धारण करेगा भरत कुंड
एडीए उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि यह विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन संसाधनों का भी विस्तार होगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अयोध्या के समग्र पर्यटन सर्किट में भरत कुंड एक महत्वपूर्ण गंतव्य बनकर उभरेगा। यह परियोजना अयोध्या विकास प्राधिकरण की बड़ी पहल है, जो राम मंदिर के बाद अयोध्या के अन्य प्राचीन एवं महत्वपूर्ण स्थलों को भी विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन से डीपीआर स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा और निर्धारित समय में भरत कुंड नया स्वरूप धारण कर लेगा।
