'वोट चोरी' का हॉरर शो जनता के बीच टायं-टायं फिस्स... नकवी का विपक्ष पर तंज
प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम के चुनावों को लेकर मंगलवार को यहां कहा कि वयोवृद्ध कांग्रेस निर्मित, निर्देशित 'वोट चोरी' का हॉरर शो जनता के बीच टायं-टायं फिस्स हो रहा है। नकवी ने कहा, "जनता ने दशकों की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की सियासत को दरकिनार कर सत्तालोलुप क्षेत्रीय पार्टियों को यह सबक सिखाया है कि देश की प्राथमिकता सांप्रदायिक छल नहीं, बल्कि समावेशी बल है।"
उन्होंने कहा, "आगामी उप्र चुनावों में कांग्रेस-सपा गठबंधन को भारी हार का सामना करना पड़ेगा।" केंद्रीय मंत्री रह चुके नकवी ने कहा कि चुनावी चक्रवात में चारो ख़ाने चित पार्टियों की चांडाल चौकड़ी लगातार धूर्ततापूर्ण धमाल करने में जुटी है। हालांकि, देश की जनता सांप्रदायिक तुष्टीकरण करने वालों की खटिया खड़ी, बिस्तरा गोल कर रही है।
नकवी ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनतांत्रिक जनादेश के खिलाफ दुराग्रहपूर्ण दुष्प्रचार में लगी ये पार्टियां बार बार मुंह की खा रही हैं। इन्हें जनादेश में खोट बताने की सनक से बाहर आना होगा और आत्मचिंतन करना होगा कि जनता क्यों उनकी खुराफाती सियासत को बार बार नकार रही है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रजातंत्र को परिवार तंत्र का बंधक बनाने की इसकी सनक से यह पार्टी बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव में धराशाई हुई है और आगे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी धूलधूसरित होगी। उन्होंने कहा कि आज भाजपा और सहयोगी दलों का भारत की 78% आबादी और 22 राज्यों में सुशासन का ध्वज लहरा रहा है।
नकवी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौर में नरेंद्र मोदी के रूप में देश को स्थिर सरकार और सक्षम नेतृत्व मिला हुआ है जो इस संकट में संकटमोचक है। मोदी ने देश के सामने आए हर संकट के समाधान का प्रमाणित और प्रभावी परिणाम दिखाया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संकट के समाधान में जुटने के बजाय सियासी व्यवधान में डट जाते हैं। ऐसे समय में आपदा में अवसर ढूंढने वाले सिंडीकेट से सावधान रहना होगा।
