'धुरंधर' के मेकर्स और CBFC को कोर्ट का नोटिस, खुफिया जानकारी लीक होने की याचिका पर अदालत का बड़ा कदम

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को फिल्म ''धुरंधर: द रिवेंज'' में देश की खुफिया और रक्षा अभियानों से संबंधित सामरिक और संवेदनशील जानकारी के खुलासे को लेकर चिंताओं से संबंधित जनहित याचिका को अभ्यावेदन के रूप में मानते हुए केंद्र और सेंसर बोर्ड से विचार करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता, जो सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कर्मी हैं, द्वारा जनहित याचिका में उठाई गई चिंता निराधार नहीं है।

पीठ ने कहा कि फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उनके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा, ''सेंसर बोर्ड के पास कुछ दिशानिर्देश होने चाहिए। हम चाहते हैं कि आप इस अभ्यावेदन पर विचार करें और सोच विचारकर निर्णय लें।''

पीठ ने कहा, ''अदालत की राय है कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए और उनका उचित समाधान होना चाहिए। हम इस निर्देश के साथ याचिका का निपटारा कर रहे हैं कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) इस याचिका को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन के रूप में मानकर उसमें उठाए गए मुद्दों पर उचित निर्णय लें।''

अदालत ने अधिकारियों से याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर अपने निर्णय और किसी भी सुधारात्मक उपाय की जानकारी उन्हें (याचिकाकर्ता को) देने को कहा है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि फिल्म शासकीय गोपनीयता कानून का उल्लंघन करती है क्योंकि इसमें सामरिक अभियानों, संवेदनशील स्थानों और एजेंट के बारे में गहरी जानकारी दी गई है, और कुछ दृश्यों में ऐसी जानकारी भी सामने आई है जो देश की सुरक्षा के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म में उच्च पदस्थ अधिकारियों और शहीद जवानों पर आधारित किरदारों और घटनाओं को इतनी स्पष्टता से दिखाया गया है कि यह देश के हित में नहीं है। 

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याचिकाकर्ता के अनुसार, फिल्म में कुछ सफल सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया गया है। याचिका में याचिकाकर्ता ने फिल्म के कुछ दृश्यों में ''गोपनीय प्रोटोकॉल'' के उपयोग और ''गुप्त पहचान'' को दर्शाने पर आपत्ति जताई है। इसमें दावा किया गया कि फिल्म ने ''हमारे गुप्तचरों को खतरे में डाल दिया है" और इसके चलते कराची के स्थानीय अधिकारियों को ''जासूसी अलर्ट'' पर रखा गया है।

याचिका में ''जासूसी फिल्मों के लिए दिशा-निर्देश'' बनाने का अनुरोध किया गया है, ताकि देश के एजेंट की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित होने से रोका जा सके। रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' के प्रमाणन को रद्द करने की भी अपील की गई है। इसमें सिनेमा हॉल और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की भी प्रार्थना की गई।

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