आंगनबाड़ी केंद्रों पर सक्षम और बाल संजीवनी नाम से मिलेगा पुष्टाहार, कुपोषित और सामान्य बच्चों के लिए तय हुईं 7 नई रेसिपी
सामान्य और अतिकुपोषित बच्चों की बांटी श्रेणियां चार की जगह सात की गईं रेसिपी आधारित पुष्टाहार
लखनऊ, अमृत विचार : आंगनबाड़ी केंद्रों पर ब्रांड नाम से पोषाहार वितरित किया जाएगा। इससे बच्चे, गर्भवती महिलाएं व धात्रियों को पुष्टाहार वितरण में आसानी होगी और पहचान आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत 6 माह से 1 वर्ष तक के सामान्य बच्चों को बांटा जाने वाला आटा बेसन हलवा (मीठा) शिशु अमृत नाम से मिलेगा। इसी तरह 1 वर्ष से 3 वर्ष तक के बच्चों को आटा बेसन हलवा (मीठा) शिशु आहार नाम से दिया जाएगा। 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को आटा बेसन बर्फी (मीठा) व दलिया मूंग दाल खिचड़ी (नमकीन) बाल पुष्टिकरण नाम से दी जाएगी।
गर्भवती एवं धात्री महिला को आटा बेसन सोया बर्फी (मीठा) व दलिया मूंग दाल खिचड़ी (नमकीन) संपूर्ण मातृ आहार के नाम से मिलेगी। इनके अलावा 6 माह से 1 वर्ष के अतिकुपोषित बच्चों को ऊर्जा युक्त हलवा (मीठा) आरोग्य पोषण और 1 वर्ष से 3 वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को ऊर्जा युक्त हलवा (मीठा) बाल संजीवनी नाम से मिलेगा। वहीं, 3 वर्ष से 6 वर्ष तक अतिकुपोषित बच्चों को ऊर्जा युक्त हलवा (मीठा) और ऊर्जा युक्त हलवा (नमकीन) सक्षम पोषण नाम से दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले सामान्य और अतिकुपोषित बच्चों की 6 माह से 3 वर्ष और 3 वर्ष से 6 वर्ष दो श्रेणियां थी। अब इन्हें अलग करके 3-3 श्रेणियों में बांटा गया है। इसी अनुसार ब्रांड नाम से पुष्टाहार दिया जाएगा। रेसिपी भी चार की जगह सात की गई हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार ने बताया कि केंद्रों पर वितरण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व नैफेड द्वारा नई व्यवस्था के तहत किया जाएगा।
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