यूपी के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल: लंबे समय से तैनात CMO-ACMO होंगे स्थानान्तरित, नई तबादला नीति से चिकित्सकों में हलचल
आकांक्षी जिलों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संशोधित आदेश जारी
लखनऊ, अमृत विचार : स्वास्थ्य विभाग की संशोधित तबादला नीति जारी होते ही प्रशासनिक पदों पर तैनात अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब एक जिले में तीन वर्ष और एक मंडल में पांच वर्ष पूरा करने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा।
नई नीति के तहत संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्सा अधीक्षक जैसे अधिकारी, जो किसी अस्पताल में पांच वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं, उन्हें भी स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आकांक्षी जिलों में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि चिकित्सकीय कार्यों में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों को इस तीन वर्ष और पांच वर्ष की बाध्यता से बाहर रखा गया है।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन कार्यरत अधीक्षक व एमओआईसी चिकित्सकों को यदि एक ही अस्पताल में तीन वर्ष हो चुके हैं तो उनका स्थानांतरण जिले के भीतर ही अन्य अस्पतालों में किया जाएगा। हालांकि स्थानान्तरण नीति के अनुसार, कुल पदों के सापेक्ष अधिकतम 20 प्रतिशत ही तबादले किए जाएंगे, इसके लिए चिकित्सकों से इच्छानुसार आवेदन भी मांगे जा चुके हैं।
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