बारिश के बाद दोगुना होगा आमों का स्वाद, प्री-मानसून से बढ़ेगी आमों में मिठास, कम होंगे दाम?
लखनऊ, अमृत विचार : स्थानीय बाजार में दशहरी की आवक होने से पहले रविवार को बेमौसम हुई बारिश से बागवानों के चेहरे खिल उठे। शाम करीब एक घंटे तक हुई बारिश से आम को फायदा हुआ। आम की गुणवत्ता के साथ मिठास बढ़ेगी। बारिश से पेड़ों की धुलाई होने से कीट जाला भी साफ हो गया। हालांकि तेज हवा से आम टूटकर गिरने से बागवानों को नुकसान भी हुआ।
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रविवार शाम तेज हवाएं चलीं। इससे माल, मलिहाबाद व बीकेटी में काफी मात्रा में पेड़ से आम टूटकर गिर गए। बागवानों को काफी नुकसान हुआ। इससे पैदावार घटेगी। थोड़ी देर बाद तेज बारिश हुई। करीब एक घंटा बारिश से बागों में पानी भर गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार दुबे ने बारिश से आम को फायदा हुआ है।
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बारिश के पानी से आम का आकार जल्द बढ़ेगा। गुणवत्ता के साथ मिठास बढ़ेगी। चमक भी आएगी। पानी से पेड़ों की धुलाई हो गई। इससे कीट-रोग व जाला नहीं लगेगा। इस बार आम आंधी से आम की फसल काफी बर्बाद हुई है। आगे के वर्ष के लिए बागवान अभी से तैयारी कर लें। बाग में आम की तोड़ाई के बाद कवर क्राप यानी उड़द, मूंग और सनई की फसल करें। ढेंचा भी बो सकते हैं। इससे काफी सुधार आएगा।
आज से चखें दशहरी का स्वाद, कृषि विज्ञानी ने कवर क्रॉप करने की दी सलाह
सोमवार से मलिहाबादी दशहरी का स्वाद चखने को मिलेगा। डाल का पका आम पूरी तरह से बाजार में आ जाएगा। बाजार में बिक्री की तैयारी भी रविवार को पूरी कर ली गई। बागों में आम की तोड़ाई के साथ साफ-सफाई व पैकिंग करके लोडिंग की गई। मलिहाबाद में खरीदारी भी शुरू हो गई। यहां से स्थानीय बाजार के साथ मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, कोलकाता, गुजरात आदि राज्यों में आम भेजा जाएगा। जबकि पांच जून से खाड़ी देशों में मलिहाबादी दशहरी का निर्यात किया जाएगा।
मक्का, मूंग और सब्जियों को फायदा, लगाएं धान की नर्सरी
रविवार को हुई बारिश से मक्का, मूंग और सब्जियों को फायदा हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार दुबे ने बताया कि ये बारिश बागवानी और कृषि के लिए फायदेमंद है। मक्का व मूंग में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, जो किसान धान की तैयारी कर रहे वे जुताई आदि कर लें। धान की नर्सरी के लिए समय अच्छा है। धान की प्रजाति अपने खेत व अवधि के हिसाब से चयन करके लगाएं।
रंग-बिरंगे और अनोखे स्वाद वाले 30 वैरायटी के आम
सांस्कृतिक उत्सव के रूप में 29 से 31 मई तक फन रिपब्लिक मॉल में मैंगो फेस्टिवल मनाया गया। यहां सिर्फ आमों की प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं, स्वाद और पारिवारिक खुशियों का उत्सव मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लगभग 30 प्रकार के आम आकर्षण का केंद्र रहे। इस उत्सव का शुभारंभ प्रसिद्ध शेफ नंदिनी मोतियानी ने किया।
तीन दिन तक चलने वाले इस खास उत्सव में बंगनपल्ली, अल्फांजो, तोतापुरी, सिंधुरा, मल्लिका, राम केला, लंगड़ा, चौसा, सफेदा, केसर और दशहरी जैसी पारंपरिक किस्में न केवल लोगों को अपने स्वाद से जोड़ा, बल्कि भारतीय कृषि और क्षेत्रीय विविधता की झलक भी प्रस्तुत की। आगंतुकों ने आमों की प्रजातियों को करीब से देखा और खरीदा। 30 मई को बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता कराई गई। जहां नन्हे प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगे परिधानों में अपनी प्रस्तुति दी।
31 मई को महिलाओं के लिए कोल्ड कुकिंग प्रतियोगिता कराई गई। इसमें आम से बने पारंपरिक और रचनात्मक व्यंजन तैयार किए गए। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से भारतीय रसोई, पारिवारिक परंपराओं और रचनात्मकता का उत्सव मनाया गया। फन रिपब्लिक मॉल के जनरल मैनेजर विकल्प सक्सेना ने कहा कि आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भारतीय गर्मियों की संस्कृति और यादों का हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि लखनऊवासियों को एक ऐसा अनुभव मिले जहां स्वाद, परंपरा और मनोरंजन एक साथ महसूस हो। देशभर से लाई गई अलग-अलग किस्मों के आम इस उत्सव को खास बनाया है।
